बिलासपुर। नया साल आने वाला है और उत्साह की लहर हर तरफ छा रही है। पार्टियां, इवेंट्स, पिकनिक और जश्न की तैयारियां जोरों पर हैं। इन सबके बीच अपनी खुशियां मनाएं, पर ऐसी हरकतों से बचें जो दूसरों को दुख पहुंचाए। राष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन के प्रदेश संयोजक सुरेश सिंह बैस ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि नए वर्ष के जश्न के दौरान मानव अधिकारों और पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से जिम्मेदारी का ख्याल रखें। सड़कों पर देर रात केक काटना, बेवजह हल्ला-गुल्ला मचाना या तेज आवाजें न करें। पड़ोसियों का ख्याल रखें खासकर वृद्धजनों, बीमार लोगों और रात में पढ़ाई करने वाले छात्रों का।
“खुशी तभी सच्ची है जब वह सबके लिए हो,”। “मानव अधिकारों के तहत हर व्यक्ति को शांति और आराम का हक है।” वहीं पर्यावरण का ध्यान रखें अगर नदी, पहाड़ या नालों के पास पिकनिक प्लान कर रहे हैं। अनावश्यक कचरा न फैलाएं, प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करें और जीव-जंतुओं को नुकसान न पहुंचाएं। “प्रकृति हमारी खुशियों का आधार है, इसे बचाना हमारा कर्तव्य।”इस न्यू ईयर पर सकारात्मक बदलाव लाएं घर पर या नियंत्रित जगहों पर जश्न मनाएं, कम शोर करें और साफ-सफाई का पालन करें। इससे न केवल आपकी खुशियां बरकरार रहेंगी, बल्कि समाज और पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा। आइए, 2026 को जिम्मेदारी भरा नया साल बनाएं।
