दो साल से
खरीदकर रखा हूं,
पांच रुपए वाला
नमकीन का एक पैकेट।
ऊपर बाएं कोने में लिखे
‘न्यू पैक’ को
रोज सुबह
बड़े उम्मीद से
निहारता हूं।
न जाने कब
ये ‘ओल्ड पैक’ होगा?
बड़ा जिद्दी हो गया है,
बदलता ही नही,
हमारी धारणाओं की तरह।

शिक्षक एवं साहित्यकार , गोरखपुर