
राज्य
मनोसंवाद मनोविज्ञान विभाग में तीन दिवसिय कार्यशाला का आयोजन
मनोवैज्ञानिक निर्देशन परामर्श एवं अनुसंधान केंद्र, मनोविज्ञान विभाग, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी के द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला श्रृंखला “मनोसंबाद: काउंसलिंग एंड मेंटल हेल्थ- एक्सपर्ट प्रस्पेक्टिव्स एंड प्रैक्टिसेस” का प्रथम दिवस ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन मनोवैज्ञानिक मार्गदर्शन, काउंसलिंग सेल एवं रिसर्च सेंटर के तत्वावधान में किया गया, जिसमें विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
प्रेस विज्ञिप्त
मनोसंवाद मनोविज्ञान विभाग में तीन दिवसिय कार्यशाला का आयोजन
मनोवैज्ञानिक निर्देशन परामर्श एवं अनुसंधान केंद्र, मनोविज्ञान विभाग, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी के द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला श्रृंखला “मनोसंबाद: काउंसलिंग एंड मेंटल हेल्थ- एक्सपर्ट प्रस्पेक्टिव्स एंड प्रैक्टिसेस” का प्रथम दिवस ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन मनोवैज्ञानिक मार्गदर्शन, काउंसलिंग सेल एवं रिसर्च सेंटर के तत्वावधान में किया गया, जिसमें विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
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Hustinder की नई EP Young & Real में दिखेगी युवाओं की दिल, दोस्ती और टूटते रिश्तों की भावुक कहानी
Hustinder की नई 5-ट्रैक ईपी Young & Real रिलीज़ हो चुकी है। यह ईपी युवाओं की असली भावनाओं और जिंदगी के अलग-अलग अनुभवों को बेहद सच्चे और भावुक अंदाज़ में पेश करती है। इसमें आकर्षण, आत्मविश्वास, दोस्ती, प्यार, कमजोरी, दिल टूटने और खुद को समझने जैसे कई पहलुओं को दिखाया गया है, जिनसे आज का युवा जुड़ाव महसूस करता है।…
पुस्तक समीक्षा
इन्दु का भाग्य: सामाजिक यथार्थ, संवेदना और परिवर्तन की मार्मिक उपन्यास
कुमकुम सिंह द्वारा रचित उपन्यास इन्दु का भाग्य समकालीन भारतीय समाज की उन जटिल परतों को उद्घाटित करता है, जिन्हें हम अक्सर देखकर भी अनदेखा कर देते हैं। डायमंड पॉकेट बुक्स द्वारा प्रकाशित पुस्तक इन्दु का भाग्य केवल एक उपन्यास नहीं, बल्कि सामाजिक संरचना, वर्ग विभाजन, मानवीय संवेदनाओं की कमी और नैतिक पतन का सजीव दस्तावेज है। लेखिका ने अपने अनुभवों और गहन अवलोकन के आधार पर एक ऐसी कहानी रची है, जो पाठक को भीतर तक झकझोर देती है और उसे आत्ममंथन के लिए बाध्य करती है।
व्यापार/व्यवसाय
छोटे ग्राहकों से लेकर सिक्योर्ड लोन तक, हर मोर्चे पर बढ़त
जब बैंकिंग सेक्टर में प्रतिस्पर्धा लगातार तेज़ हो रही है, ऐसे समय में सिर्फ तेज़ी से बढ़ना ही काफी नहीं माना जाता, बल्कि भरोसेमंद एसेट क्वालिटी, मजबूत डिपॉजिट बेस और संतुलित लोन बुक बनाए रखना भी उतना ही जरूरी हो गया है। उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में इसी संतुलन के साथ मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। बैंक ने एक ओर रिकॉर्ड डिस्बर्समेंट हासिल किया, तो दूसरी ओर मुनाफे और सिक्योर्ड लोन पोर्टफोलियो में भी उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की।…

