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निजी स्कूलों की मनमानी: शिक्षा या व्यापार?
संस्कार धारी बिलासपुर में निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। छात्रों और अभिभावकों के हितों को लेकर अभिभावक संघ के प्रदेश सचिव रंजेश सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। इन लोगों ने आरोप लगाया कि कई निजी स्कूल मनमाने तरीके से भारी फीस वसूल रहे हैं, और शिक्षा विभाग के नियमों का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं। इतना ही नहीं फीस जमा नहीं करने पर छात्रों को बोर्ड परीक्षाओं में बैठने से रोकने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए। ज्ञापन सौंपने गए अभिभावक संघ ने जिला शिक्षा अधिकारी की अनुपस्थिति को लेकर भी नाराजगी दिखाई। इसके बाद इन प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त संचालक ई. दसरथी को ज्ञापन सौंपा और अपना विरोध प्रकट किया।
प्रेस विज्ञिप्त
निजी स्कूलों की मनमानी: शिक्षा या व्यापार?
संस्कार धारी बिलासपुर में निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। छात्रों और अभिभावकों के हितों को लेकर अभिभावक संघ के प्रदेश सचिव रंजेश सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। इन लोगों ने आरोप लगाया कि कई निजी स्कूल मनमाने तरीके से भारी फीस वसूल रहे हैं, और शिक्षा विभाग के नियमों का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं। इतना ही नहीं फीस जमा नहीं करने पर छात्रों को बोर्ड परीक्षाओं में बैठने से रोकने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए। ज्ञापन सौंपने गए अभिभावक संघ ने जिला शिक्षा अधिकारी की अनुपस्थिति को लेकर भी नाराजगी दिखाई। इसके बाद इन प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त संचालक ई. दसरथी को ज्ञापन सौंपा और अपना विरोध प्रकट किया।
सेहत
“सिकाडा” – कीट नहीं, कोरोना का नया वेरिएंट
हाल ही में वैश्विक मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म पर “सिकाडा” नाम तेजी से चर्चा में आया है। अनेक लोगों के मन में यह भ्रम पैदा हो गया कि “सिकाडा” कोई नया कीटजनित वायरस या महामारी है, जबकि वास्तविकता इससे अलग और अधिक वैज्ञानिक है। “सिकाडा” दरअसल कोई नया जीव नहीं, बल्कि कोविड-19 का एक नया वेरिएंट है, जिसे वैज्ञानिक रूप से BA.3.2 नाम दिया गया है। यह नामकरण उसके व्यवहार के कारण किया गया है, न कि उसके स्रोत के कारण।
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मनोरंजन
पुस्तक समीक्षा
इन्दु का भाग्य: सामाजिक यथार्थ, संवेदना और परिवर्तन की मार्मिक उपन्यास
कुमकुम सिंह द्वारा रचित उपन्यास इन्दु का भाग्य समकालीन भारतीय समाज की उन जटिल परतों को उद्घाटित करता है, जिन्हें हम अक्सर देखकर भी अनदेखा कर देते हैं। डायमंड पॉकेट बुक्स द्वारा प्रकाशित पुस्तक इन्दु का भाग्य केवल एक उपन्यास नहीं, बल्कि सामाजिक संरचना, वर्ग विभाजन, मानवीय संवेदनाओं की कमी और नैतिक पतन का सजीव दस्तावेज है। लेखिका ने अपने अनुभवों और गहन अवलोकन के आधार पर एक ऐसी कहानी रची है, जो पाठक को भीतर तक झकझोर देती है और उसे आत्ममंथन के लिए बाध्य करती है।
व्यापार/व्यवसाय
Eylsia Nicolas ने माइक्रोपेमेंट्स द्वारा संचालित AI अडैप्टिव डिजिटल पब्लिशिंग प्लेटफॉर्म लॉन्च करने के लिए मेटा इंडिया के साथ साझेदारी की
ग्लोबल रिकॉर्डिंग आर्टिस्ट और इन्वेंटर Eylsia Nicolas ने BookKards के लॉन्च के लिए मेटा इंडिया को अपना एडवाइजरी पार्टनर चुना है। यह एक पेटेंटेड डिजिटल पब्लिशिंग फॉर्मेट है जो माइक्रो ‑ट्रांजैक्शन, शॉर्टफॉर्म स्टोरीटेलिंग और भविष्य की AIadaptive रीडिंग क्षमताओं को जोड़ता है। इंडियाफर्स्ट पायलट यह पता लगाता है कि क्रिएटर्स देश भर के लाखों युवा रीडर्स तक पहुंचने के लिए माइक्रोपेमेंट्स और मोबाइलनेटिव पब्लिशिंग का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं।…
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धर्म
प्राचीन जनजातीय आस्था और लोकजीवन का अद्भुत पर्व “बीदर”
छत्तीसगढ़ की धरती अपनी लोकसंस्कृति, परंपराओं और जनजातीय आस्थाओं के लिए सदैव विशिष्ट रही है। यहाँ के पर्व-त्योहार केवल उत्सव नहीं, बल्कि प्रकृति, श्रम, आस्था और सामुदायिक एकजुटता के जीवंत प्रतीक हैं। इन्हीं परंपराओं के मध्य “बीदर” एक ऐसा अनूठा और विशिष्ट जनजातीय पर्व है, जो अपनी संरचना, मान्यताओं और अनुष्ठानों के कारण अन्य सभी त्योहारों से अलग पहचान रखता है।

