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संघर्षों से मिली जीवन को जीने की सीख

दोस्तों, जीवन में संघर्ष तो हर किसी के हिस्से में आता है। फर्क सिर्फ इतना होता…

रंग पंचमी

कुछ रंग चेहरे से उतर जाते हैं, लेकिन कुछ रंग जीवन भर स्मृतियों में बसे रहते…

“अकती के अंधियार मा उजाला” सुनीता दीदी

मंगरू कका – परंपरा के नाम पर अड़े रहय्या गांव के बुजुर्ग रामसाय – गरीब किसान,…

 “अड़हा कमिया”

(पर्दा खुलथे। एक पात्र मंच में माचिस के तीली ल जरा के आवत दिखथे। अउ ए…

बकरी बाई : जीवन की अनपढ़ लेकिन सबसे बड़ी शिक्षिका

हमारे समाज में कुछ लोग ऐसे होते हैं जो किसी बड़े पद, प्रसिद्धि या किताबों के…

छत्तीसगढ़ी लोककला, लोकचेतना और मंदराजी के संघर्ष का नाम“नाचा”

छत्तीसगढ़ की धरती अपनी सहजता, संवेदनशीलता और सांस्कृतिक समृद्धि के लिए जानी जाती है। यहाँ की…

वो जमादारिन

वह बिना नागा किए हर रोज़ आती थी—चुपचाप, शांत, संकोची-सी। उसके कदमों की आहट जैसे एक…

एक यात्रा, जो बाहर से शुरू होकर भीतर अनंत गहराइयों तक पहुँचती है

 “इस बार कहीं अलग चलते हैं?..... यात्रा अक्सर इसी छोटे से सवाल से जन्म लेती है।…

 तोर कसम नोनी के दाई , दारू नई पिहौं 

समारु अपन घर में परिवार के साथ खाना खाए बर बइठे हे। दुनो लईका मन भी…

सिर्फ अपना ही क्यों ?

ज़िंदगी की भागदौड़ में हम सभी इतना भाग रहे हैं कि पीछे मुड़ने तक का वक्त…

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