समकालीन हिंदी बालसाहित्य में ऐसे रचनाकार अपेक्षाकृत कम हैं, जो मनोरंजन और शिक्षण के बीच संतुलन…
Category: पुस्तक समीक्षा
‘गेंदे की है रंगत न्यारी’ : बालमन की संवेदनाओं, संस्कारों और कल्पनाओं का रंगीन संसार
हिंदी बालसाहित्य के प्रतिष्ठित रचनाकार रामेश्वर प्रसाद सारस्वत (आर.पी. सारस्वत) का नवीन बाल कविता-संग्रह ‘गेंदे की…
दुःख से आनंद की ओर: विवेक, ध्यान और आत्मबोध के माध्यम से जीवन को नई दिशा देती एक विचारोत्तेजक कृति
जीवन में दुःख क्यों है? क्या दुःख से मुक्ति संभव है? क्या विवेक, ध्यान और आत्मचिंतन…
काशी की संस्कृति, विरासत और लोकजीवन का जीवंत दस्तावेज़ : गलियों का शहर बनारस
भारतीय सभ्यता और संस्कृति के इतिहास में काशी या बनारस का स्थान अद्वितीय है। यह केवल…
बौद्ध चिंतन, सामाजिक चेतना और मानवीय मूल्यों का प्रामाणिक दस्तावेज
भारतीय बौद्धिक परंपरा में बौद्ध धम्म केवल एक धार्मिक विचारधारा नहीं, बल्कि मानवता, करुणा, तर्कशीलता और…
‘योग ही क्यों’ : आधुनिक जीवन की चुनौतियों का प्रामाणिक समाधान प्रस्तुत करती एक सारगर्भित कृति
आज का मानव अभूतपूर्व तकनीकी विकास, भौतिक सुविधाओं और तेज़ रफ्तार जीवनशैली के बीच जी रहा…
इन्दु का भाग्य: सामाजिक यथार्थ, संवेदना और परिवर्तन की मार्मिक उपन्यास
कुमकुम सिंह द्वारा रचित उपन्यास इन्दु का भाग्य समकालीन भारतीय समाज की उन जटिल परतों को…
धर्म, द्वंद्व और दैवी चेतना का महाकाव्यात्मक विस्तार : ‘श्रीकृष्ण-अर्जुन युद्ध’
‘श्रीकृष्ण-अर्जुन युद्ध’ समकालीन हिंदी खंडकाव्य परंपरा में एक उल्लेखनीय और सार्थक हस्तक्षेप के रूप में सामने…
हिंदी साहित्य और समाज को समृद्ध करता अणुव्रत का आंदोलन
‘अणुव्रत’ पत्रिका का अक्टूबर–नवंबर, 2025 का अंक ‘तुलसी सिंहनाद विशेषांक के रूप में प्रकाशित किया गया…
अनुपम जीवन संस्मरण है बोलती परछाइयाँ-डॉ राघवेंद्र दुबे
पावन छत्तीसगढ़ महतारी के आँचल में बसे वीरांगना बिलासा की नगरी बिलासपुर की माटी की ऐसी…