NEW English Version

नमामि गंगे : जमीनी स्तर पर संस्थागत सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता

गंगा भारत की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और पर्यावरणीय पहचान का सबसे महत्वपूर्ण प्रतीक है। हिमालय से निकलकर…

प्लास्टिक बैग से जकड़ी जीवन-शैली से पर्यावरण तबाह

पृथ्वी आज जिस सबसे बड़े पर्यावरणीय संकट से जूझ रही है, उसमें जलवायु परिवर्तन, जैव-विविधता का…

दिल्लीः वायु प्रदूषण के साथ ओजोन प्रदूषण की चुनौती

राजधानी दिल्ली वर्षों से वायु प्रदूषण की भयावह समस्या से जूझती रही है। हर सर्दी में…

वृक्ष : पृथ्वी की साँस, मानवता की आस

प्रकृति ने मनुष्य को अनेक अनुपम उपहार दिए हैं, किन्तु उनमें वृक्ष सबसे अनमोल हैं। वृक्ष…

मरुस्थलीकरण की चुनौती और मानवता का भविष्य

हर वर्ष 17 जून को मनाया जाने वाला विश्व मरुस्थलीकरण एवं सूखा रोकथाम दिवस केवल एक…

पर्यावरणीय संकट से समाधान की ओर बढ़ने का समय

5 जून को मनाया जाने वाला विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि पृथ्वी…

तपती धरती, झुलसता जीवन: हीटवेव की चुनौती

वर्ष 2026 की गर्मी केवल एक मौसमीय घटना नहीं, बल्कि मानव सभ्यता के सामने खड़ी एक…

जलवायु परिवर्तनः भविष्य नहीं, वर्तमान का महाविनाशकारी संकट

आज मानव सभ्यता जिस सबसे बड़े संकट के सामने खड़ी है, वह युद्ध, महामारी या आर्थिक…

सृष्टि संतुलन के लिये वनों की पुकार सुननी होगी

21 मार्च को प्रतिवर्ष मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस केवल एक प्रतीकात्मक उत्सव नहीं, बल्कि…

मानव अब भी चेत जा; तूने प्रकृति को अभी भी जाना नहीं..?

भारतवर्ष में वनसंपदा का बहुत महत्व है। मान्यता है कि सघन वनों की छाया में ही…

Translate »