भारत की विज्ञान और तकनीकी क्षमता को एक नई ऊंचाई देते हुए बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप क्यूपीआईएआई ने देश के सबसे शक्तिशाली क्वांटम कंप्यूटरों में से एक, क्यूपीआईएआई-इंडस का सफलतापूर्वक लॉन्च किया है। यह उपलब्धि राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के तहत विश्व क्वांटम दिवस के अवसर पर हासिल की गई, जिसे विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा समन्वित किया गया है।
यह क्वांटम कंप्यूटर 25 सुपरकंडक्टिंग क्यूबिट्स की क्षमता से सुसज्जित है और भारत का पहला फुल-स्टैक क्वांटम कंप्यूटिंग सिस्टम है। इसमें अत्याधुनिक क्वांटम हार्डवेयर, स्केलेबल कंट्रोल सिस्टम और एआई-सक्षम क्वांटम सॉफ्टवेयर को एकीकृत किया गया है। यह प्रणाली न केवल वैज्ञानिक शोध में क्रांति ला सकती है, बल्कि उन्नत औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी गेम चेंजर साबित होगी।

क्यूपीआईएआई-इंडस में उन्नत क्वांटम प्रोसेसर, हाइब्रिड कंप्यूटिंग सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म और एआई-आधारित समाधान समाहित हैं, जो इसे विश्व स्तरीय बनाते हैं। इस प्रणाली का उपयोग जीवन विज्ञान, दवा अनुसंधान, सामग्री विज्ञान, गतिशीलता, लॉजिस्टिक्स, जलवायु परिवर्तन और स्थायित्व जैसे क्षेत्रों में किया जा सकेगा।
क्यूपीआईएआई को राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के तहत चुने गए आठ अग्रणी स्टार्टअप्स में स्थान मिला है और यह देश में क्वांटम टेक्नोलॉजी इको-सिस्टम को सशक्त बनाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यह न केवल तकनीक को आम लोगों तक पहुंचाने की दिशा में कार्यरत है, बल्कि भारत को वैश्विक क्वांटम मानचित्र पर प्रतिष्ठित स्थान दिलाने के लिए भी प्रतिबद्ध है।
2019 में शुरू हुई इस कंपनी ने अब तक 11 पेटेंट आवेदन दाखिल किए हैं और इसका वार्षिक राजस्व लगभग 1 मिलियन रुपये तक पहुंच चुका है। साथ ही, इसे भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) से महत्वपूर्ण निवेश भी प्राप्त हुआ है, जो इसकी नवाचार यात्रा को और भी मजबूती देता है।
विश्व क्वांटम दिवस केवल एक जश्न नहीं, बल्कि एक वैश्विक आह्वान है – उस भविष्य की ओर जिसमें क्वांटम विज्ञान न केवल उद्योगों को बदलने वाला है, बल्कि विज्ञान की नई खोजों और नवाचारों को नई दिशा भी देगा। इस दिन, क्यूपीआईएआई ने अपनी घोषणा के माध्यम से यह स्पष्ट कर दिया कि भारत की क्वांटम यात्रा अब तेज़ गति से आगे बढ़ रही है।