उत्तर-पश्चिम दिल्ली के जहाँगीरपुरी और भलस्वा डेरी क्षेत्र में सड़कों, नालियों, फुटपाथों और यातायात व्यवस्था की अत्यंत जर्जर स्थिति ने स्थानीय नागरिकों का दैनिक जीवन गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। लंबे समय से बनी इन समस्याओं के कारण आम जनता, विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को निरंतर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसी गंभीर विषय को लेकर आधुनिक वैश्विक कल्याण संस्थान (ट्रस्ट) के कार्यकारी अध्यक्ष श्री उमेश कुमार सिंह ने दिल्ली के माननीय मुख्यमंत्री को एक विस्तृत प्रार्थना पत्र भेजकर त्वरित हस्तक्षेप और स्थायी समाधान की मांग की है।

जहाँगीरपुरी मेन रोड (श्री शिवशक्ति सिद्ध हनुमान मंदिर) से भलस्वा डेरी को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग पर नाले के ऊपर पुलिया निर्माण कार्य के कारण लगभग एक माह पूर्व पुरानी पुलिया को तोड़ दिया गया था। दुर्भाग्यवश, अब तक इस पुलिया का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। इसके चलते भलस्वा डेरी से जहाँगीरपुरी (श्री शिवशक्ति सिद्ध हनुमान मंदिर), जहाँगीरपुरी मेट्रो स्टेशन तथा आसपास के क्षेत्रों में आने-जाने वाले नागरिकों को संकरी और जर्जर गलियों से होकर गुजरना पड़ रहा है। इन गलियों की हालत भी बेहद खराब है, जिससे ई-रिक्शा, ऑटो और अन्य छोटे वाहनों के पलटने का खतरा लगातार बना रहता है।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार भलस्वा डेरी से मंगल बाजार चौक, बजरंग चौक, शनि बाजार, शनि बाजार मोड़, मछली मार्केट, गुर्जर चौक एवं झंडा चौक होते हुए जहाँगीरपुरी मेन रोड और मेट्रो स्टेशन तक जाने वाले मार्गों की स्थिति भी अत्यंत दयनीय हो चुकी है। विशेष रूप से शनि बाजार से मछली मार्केट तक सड़क पर गड्ढों की भरमार है। सड़क की खराब स्थिति के कारण ई-रिक्शा एवं अन्य वाहन मुख्य मार्ग का उपयोग करने से बचते हैं और गलियों से होकर निकलते हैं, जिससे वहां भीषण जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
जहाँगीरपुरी मेट्रो स्टेशन जाने वाले मार्ग पर भी यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। पहले इसी मार्ग पर 101 नंबर की बस सेवा संचालित होती थी, लेकिन सड़क की खराब हालत के कारण इसका मार्ग परिवर्तित कर दिया गया। इससे प्रतिदिन मेट्रो और बस से यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे समय, धन और ऊर्जा की अनावश्यक बर्बादी हो रही है।
फुटपाथों की स्थिति भी अत्यंत चिंताजनक है। यद्यपि फुटपाथों का निर्माण किया गया है, लेकिन अतिक्रमण और अव्यवस्था के कारण पैदल चलने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं बचा है। विशेषकर शाम के समय जब बाजारों में भीड़ बढ़ जाती है, तब राहगीरों को सड़क पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। झंडा चौक, गुर्जर चौक, दुर्गा चौक, बजरंग चौक और मंगल बाजार क्षेत्रों में प्रतिदिन लगने वाले जाम ने स्थानीय व्यापार और आवागमन दोनों को बुरी तरह प्रभावित किया है।
इसके अतिरिक्त, नालियों की नियमित सफाई न होने के कारण जलभराव की समस्या बनी रहती है, जिससे सड़कों की हालत और अधिक खराब हो रही है। कई स्थानों पर खुले नाले और गहरे गड्ढे दुर्घटनाओं को खुला निमंत्रण दे रहे हैं।
आधुनिक वैश्विक कल्याण संस्थान (ट्रस्ट) के कार्यकारी अध्यक्ष श्री उमेश कुमार सिंह ने कहा कि यदि शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि प्रभावित सड़कों की तत्काल मरम्मत कराई जाए, नालियों की नियमित सफाई और जलभराव रोकने की स्थायी व्यवस्था की जाए, खुले नालों के किनारे सुरक्षा बैरियर लगाए जाएं, फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त किया जाए तथा सड़क मरम्मत के पश्चात 101 बस सेवा को पुनः उसके पुराने मार्ग पर बहाल किया जाए।

