25 जनवरी राष्ट्रीय मतदाता दिवस
भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। भारतीय निर्वाचन आयोग के अथक प्रयासों के कारण, मतदान प्रतिशत में लगातार वृद्धि हो रही है, इसके अलावा, मतदान केंद्रों की संख्या में पांच गुना वृद्धि हुई है।
मतदाता प्रतिज्ञा
“हम, भारत के नागरिक, लोकतंत्र में अपनी अटूट आस्था रखते हुए, अपने देश की लोकतांत्रिक परंपराओं और स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनावों की गरिमा को बनाए रखने तथा प्रत्येक चुनाव में निर्भीक होकर तथा धर्म, नस्ल, जाति, समुदाय, भाषा या किसी भी प्रलोभन से प्रभावित हुए बिना मतदान करने की शपथ लें”। इसकी पृष्ठभूमि में प्रदर्शित अशोक चक्र, विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र का प्रतीक है, जबकि स्याही लगी उंगली, देश के प्रत्येक मतदाता की भागीदारी को प्रदर्शित करती है। इस लोगो में टिक का चिह्न मतदाता द्वारा लिए गए संसूचित (जागरूक) निर्णय का प्रतीक है। विश्व में भारत जैसे सबसे बड़े लोकतंत्र में मतदान को लेकर कम होते रुझान को देखते हुए राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाने लगा था।

मतदान दिवस मनाने का मुख्य कारण है कि लोगो को मतदान का महत्व बताया जाए ताकि लोग इसके प्रति जागरूक हो और सही उम्मीदवार को चुने जिससे हमारे देस का विकास एक दिशा में चल सके | यह दिवस भारत के प्रत्येक नागरिक के लिए अहम है। इस दिन भारत के प्रत्येक नागरिक को अपने राष्ट्र के प्रत्येक चुनाव में भागीदारी की शपथ लेनी चाहिए, क्योंकि भारत के प्रत्येक व्यक्ति का वोट ही देश के भावी भविष्य की नींव रखता है। इसलिए हर एक व्यक्ति का वोट राष्ट्र के निर्माण में भागीदार बनता है। राष्ट्रीय मतदाता दिवस चुनावी शिक्षा को भी बढ़ावा देता है। इस दिन अभियान चलाए जाते हैं, जिनमें लोगों को मतदान प्रक्रिया और उनके वोट के प्रभाव के बारे में शिक्षित किया जाता है। राष्ट्रीय मतदाता दिवस लोकतंत्र में मतदान के अधिकार और जिम्मेदारी के महत्व को रेखांकित करता है।
इस दिन का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना और मतदान के महत्व के बारे में जागरूक करना है। इस दिन पर विशेष ध्यान नए और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को रजिस्टर करने और उन्हें मतदाता पहचान पत्र देने पर दिया जाता है। राष्ट्रीय मतदाता दिवस चुनावी शिक्षा को भी बढ़ावा देता है. इस दिन अभियान चलाए जाते हैं, जिनमें लोगों को मतदान प्रक्रिया और उनके वोट के प्रभाव के बारे में शिक्षित किया जाता है.यह दिन भारत के निर्वाचन आयोग के योगदान का भी सम्मान करता है, जिसने निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
“हर वोट मायने रखता है। अपनी ही लोकतंत्र में दर्शक ना बनें। अपने वोट का अधिकार इस्तेमाल करें.” – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
