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कला से प्रेम करने वालों का क्षेत्र ओरिगेमी

करीब 2000 साल पूर्व कागज के ईजाद होने के साथ ही कागज के साथ कलाकारी की जाने लगी थी। इसे तरह-तरह से फोल्ड करके राजा महाराज अपने सांकेतिक और गुप्त संदेश भी इस कला के नमूनों के माध्यम से भेजते थे। करीब 50 साल पहले जापान के अतिरायोसिजाया ने इस लुप्त कला को प्रायः पुनर्जीवित किया था, इसलिए इसे जपानी कला भी कहते हैं। इस कला के विशाल मॉडल बनाकर दो बार से ज्यादा लिमका बुक ऑफ वर्ल्ड रेकार्ड में नाम दर्ज करवा चुके ओरूकामी डाट काम के हिमांशु अग्रवाल से बातचीत पर आधारितः-
क्या है ओरिगेमी आर्ट
पशु-पक्षी, फूल पत्तियां और हजारों तरह की कलाकृतियां को कागज से मोड़कर बनाने की कला को ओरिगेमी कला कहा जाता हैं। इस तरह के मॉडल तैयार करते समय न तो पेपर को काटा जाता है और नही चिपकाया जाता है। बस कागज को मोड़कर अपनी कल्पनाशीलता के सहारे मनचाहा मॉडल बनाना होता है। गौरतलब है कि कभी 20 फुट ऊंचा जिराफ और 105 फुट चौड़े तथा 90 फुट ऊंचे डायनोसोर के मॉडल भी कागज से बनाया चुके है। रंगीन मॉडल बनाने के लिए कागज को अनेक रंगों से रंग कर फिर उसे मोड़ा जाता है। अब इस तरह के मॉडल दुनिया भर में बनाए जाते हैं।
योग्यता
वैसे तो कला में भाग लेने की कोई उम्र या योग्यता नहीं होती है लेकिन फिर भी इसके कोर्स को करने के लिए कम से कम 12वीं पास होना अनिवार्य होता हैं। साथ ही जिस व्यक्ति को मैंथ्य्स व कला में दिलचस्पी हो उसके लिए यह कोर्स हैं।
कोर्स की अवधि
हर संस्थान में इसके कोर्स की अवधि अलग-अलग हैं। इस कोर्स की अवधि कम से कम 2 महिने और ज्यादा से ज्यादा 1 साल की होती हैं। इसके अलावा समय-समय पर इसकी सप्ताह-दस दिन की वार्कशॉप होती रहती हैं।
कैसे की जाती हैं आर्ट
इसमें बहुत अभ्यास की जरूरत होती हैं। यह पूरी तरह से जीआमट्री पर आधारित होता हैं। कौन सा छोड़ कहां देना है और से शुरू करना है, इसकी पहले से योजना बना ली जाती हैं। इसके अलावा मशीन से भी इसके मॉडल बनाए जाते हैं। चूकिं इससे बहुत सीमित मॉडल बनाए जा सकते हैं, जबकि हाथ से कुछ भी बनाया जा सकता है। इसमें कलाकारी और कल्पना का पुट व्यक्ति विशेष की रचनात्मकता उजागर करता है। इससे ध्यान केंद्रित करने, मानसिक संतुलन स्थापित करने और मानसिक क्षमता बढ़ाने में भी मदद मिलती है। इससे सिंबालिक और हूबहू मॉडल बनाए जाते हैं।
संस्थान
क्रिएटिव फाइन आर्ट एंड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट, दिल्ली
भारतीय शिल्प संस्थान, जयपूर
एंजल आर्ट, मुंबई
मधुलिका आर्ट एंड क्राफ्ट क्लासिस, नई दिल्ली

इसके अलावा ओरिगेमी आर्ट का कोर्स कई ऑनलाइन साइड्स पर भी करवाया जाता हैं। जिसमें से निम्न हैंः-
पेपर क्राफ्ट मैग्जीन
फन विथ ओरिगेमी
पैरेंटस.कॉमय पेपर क्राफ्ट हॉबिस
पेपर क्राफ्ट म्यूजियम
पेपर क्राफ्ट फॉर किड्स

विनीता झा
कार्यकारी संपादक
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