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आंखों को स्वस्थ व सुरक्षित रखने के उद्देश्य को लेकर जागरूकता एवं स्वास्थ्य शिविर का आयोजन 

पूरे दिल्ली को स्वस्थ व सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले एनडीएमसी के कर्मचारियों के आखों की जांच की गई व उन्हें उचित परामर्श भी दिए गए।   

विनीता झा
कार्यकारी संपादक

नई दिल्लीः भारत में लगभग 68 लाख लोग दो या कम से कम एक आंख में कॉर्नियल ब्लाइंडनेस से पीड़ित हैं और जिसमे से 10 लाख लोग पूर्णतः अंधेपन के शिकार हैं। भारत में कई लाख लोग तमाम कारणों के चलते आंखों की समस्या के पीड़ित हैं। इसके कई कारण हो सकते हैं, खासकर प्रदूषण, धूल व धूप के कारण भी आंखों पर असर पड़ता है, इसलिए आंखों की सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है, इन्हीं मुद्दों को ध्यान में रखते हुए एनडीएमसी (न्यू दिल्ली मुंसिपल काउंसिल) मुख्यालय के कर्मचारियों के लिए आई केयर सेंटर और साइट फॉर ऑल फाउंडेशन द्वारा आंखों की जांच हेतु एक शिविर का आयोजन किया गया,  जिसमें उन्हें आंखों से संबंधित जांच के साथ उचित परामर्श भी दिए गए। 

एनडीएमसी के कर्मचारियों ने कोविड महामारी के दौरान भी जनता की सेवा के लिए अपनी जान की परवाह किए बगैर निस्वार्थ भाव से कार्य किया था, इस कारण कई बार उनकी खुद की सेहत भी खतरे में रही। वे हमेशा दिल्ली की जनता के स्वास्थ्य सुरक्षा हेतु अग्रसर रहते हैं। ऐसे में उन्हें कई प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जिसमें सबसे प्रमुख आंख से जुड़ी समस्याएं होती है,  इसलिए इस शिविर के माध्यम से उन्हें इन समस्याओं से निजात दिलाने का प्रयास किया गया। 

 

आई केयर सेंटर नई दिल्ली के निदेशक, डॉ संजीव गुप्ता ने बताया कि उनकी टीम ने आंखों की समस्याओं के साथ, मोतियाबिंद और ग्लूकोमा के लिए कर्मचारियों की जांच की, इसके साथ ही उन्होंने कर्मचारियों को कंप्यूटर विजन सिंड्रोम के बारे में सावधानियों को लेकर सलाह दिया, जो समस्या लंबे समय तक स्क्रीन पर काम करने वाले लोगों में अक्सर सामने आती है। इसके साथ ही चश्मे के नंबर को लेकर और आई ड्रॉप के लिए प्रिस्क्रिप्शन भी दिया गया। इस शिविर में आए कर्मचारियों को आंखों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया। उन्होंने कहा कि मेरा इस शिविर में विनम्र और संतोषजनक अनुभव रहा, लोगों को आखों के प्रति जरा भी लापरवाही नहीं करनी चाहिए, क्यों की आंख बहुत ही नाजुक होता है और आंखों की समस्याओं को लेकर जरा भी लापरवाही भविष्य में गंभीर परिणाम भुगतने पर मजबूर कर देती है। इसलिए आंखों में थोड़ी भी परेशानी होने पर नजदीकी डॉक्टर से दिखाने में लापरवाही नहीं करनी चाहिए। लोगों को आंखों के प्रति अत्यंत सावधानी बरतने की आवश्यकता है क्योंकि आजकल बाहरी प्रदूषण, कंप्यूटर पर लंबे समय तक काम करने, तेज धूप वह अन्य कारणों से आंखों में कई प्रकार की समस्याएं उत्पन्न होती है। डॉक्टर के निर्देशानुसार ही आंखें कमजोर होने पर चश्मे बनवाएं और आंखों में यदि किसी भी प्रकार की समस्या हो तो तुरंत आंखों के डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

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