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एण्डटीवी के कलाकारों ने आम्बेडकर जयंती पर बाबासाहेब को दी श्रद्धांजलि

उनका सपना हमारे देश को एक अखंड भारत के रूप में निर्मित करना था

भारतीय इतिहास के एक सर्वाधिक असाधारण नेता- डॉ  बी. आर. आम्बेडकर, जिन्होंने एक क्रांति की शुरूआत की और दलितों की आवाज बने, हर साल 14 अप्रैल को आम्बेडकर जयंती का उत्सव मनाया जाता है। ‘बाबासाहेब‘ के नाम से मशहूर डॉ . आम्बेडकर के जीवन और विरासत ने कई लोगों को प्रेरणा दी है। डॉ.  बी. आर. आम्बेडकर की जयंती के अवसर पर, एण्डटीवी के कलाकारों ‘एक महानायक- डॉ.  बी. आर. आम्बेडकर के अथर्व (भीमराव), जगन्नाथ निवानगुणे (रामजी सकपाल), नारायणी महेश वरणे (रमाबाई), ‘दूसरी माँ‘ की नेहा जोशी (यशोदा), ‘हप्पू की उलटन पलटन‘ की कामना पाठक (राजेश) और ‘भाबीजी घर पर हैं!‘ के रोहिताश्व गौड़ (मनमोहन तिवारी) ने बाबासाहेब को श्रद्धांजलि अर्पित की। 

अथर्व ऊर्फ एण्डटीवी के ‘एक महानायक- डॉ  बी.आर. आम्बेडकर‘ के युवा भीमराव ने कहा, ‘‘डॉ  बी.आर. आम्बेडकर ने एक देश और एक संविधान के अंतर्गत लाखों भारतीयों को एकजुट कर एक अखंड भारत की नींव रखी थी। उनके शिक्षण और सिद्धांत आज भी भारतीयों से जुड़ाव बनाते हैं। उनकी जीवन गाथा को प्रदर्शित करने वाले शो का हिस्सा बनकर और युवा भीमराव का किरदार निभाकर मुझे गर्व हो रहा है।‘‘ नेहा जोशी ऊर्फ एण्डटीवी के ‘दूसरी माँ‘ की यशोदा ने कहा, ‘‘डॉ . आम्बेडकर वाकई में एक महान नेता थे।

उनके कार्यों ने भारतीयों को प्रभावित किया और उनके दिलों को छुआ भी। फिर चाहे समानता, नारी सशक्तिकरण के लिये उनका संघर्ष हो या शिक्षा में सुधार को लेकर उनकी भागीदारी। उन्होंने प्रत्येक भारतीय के जीवन को प्रभावित किया। आम्बेडकर जयंती पर आईये हम सब महिलाओं एवं समाज के उत्थान के लिये बाबासाहेब के अनगिनत कार्यों को याद करें और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करें।‘‘ कामना पाठक ऊर्फ एण्डटीवी के ‘हप्पू की उलटन पलटन‘ की राजेश ने कहा, ‘‘बाबासाहेब ने कई लोगों को प्रेरित किया है। उन्होंने स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे के आधार पर निर्मित एक समाज की परिकल्पना की। सामाजिक एवं आर्थिक सुधारों के लिये उन्होंने काफी प्रयास किये और अखंड भारत के अपने सपने को साकार किया। उनके कार्यों ने हम सभी के जीवन को प्रभावित किया है। उनकी जयंती पर आईये एकसाथ मिलकर उस महान नेता को याद करें और उन्हें श्रद्धांजलि दें।‘‘ 

जगन्नाथ निवानगुणे ऊर्फ ‘एक महानायक-डॉ  बी.आर. आम्बेडकर‘ के रामजी सकपाल ने कहा, ‘‘डॉ  आम्बेडकर एक दूरदर्शी नेता और सामाजिक न्याय के अग्रेता थे। उन्हें विश्वास था कि भारत ‘एक देश, एक संविधान‘ के नारे के साथ राष्ट्रीय एकता और स्थायित्व को बढ़ावा दे सकता है। उन्होंने समाजवादी लोकतंत्र को प्रचारित किया, सुविधाहीन लोगों के उत्थान में अपना जीवन समर्पित कर दिया और समान मानवाधिकारों के लिये खड़े हुये। एक नेता और समाज सुधारक के रूप में उनकी पहचान आज भी प्रासंगिक है। उनकी जीवन गाथा और अनेकों कार्यों से आप काफी कुछ सीख सकते हैं।‘‘ रोहिताश्व गौड़ ऊर्फ एण्डटीवी के ‘भाबीजी घर पर हैं‘ के मनमोहन तिवारी ने कहा, ‘‘डॉ  बी.आर. आम्बेडर एक दूरदर्शी नेता थे।

विभिन्न सामाजिक एवं आर्थिक सुधारों और भारतीय संविधान के लेखन के माध्यम से उनका सपना हमारे देश को एक अखंड भारत के रूप में निर्मित करना था। मैंने बचपन से ही बाबासाहेब की कई कहानियां पढ़ी हैं और समानता के उनके संघर्ष ने मुझे बहुत प्रभावित किया है। वह आधुनिक भारत में समानता एवं बंधुत्व की वकालत करने वालों में सबसे प्रमुख व्यक्ति रहे हैं। आम्बेडकर जयंती पर, मैं उनके परिश्रम एवं दृढ़ता का सम्मान करता हूं।‘‘ नारायणी महेश वरणे ऊर्फ ‘एक महानायक-डॉ  बी.आर. आम्बेडकर‘ की रमाबाई ने कहा, ‘‘डॉ  बी.आर. आम्बेडकर ने अन्याय और असमानता का विरोध किया था। उनका मानना था कि जिंदगी की किसी भी कठिनाई, चाहे वह सामाजिक हो, सांस्कृतिक या आर्थिक, उसे पार करने के लिये शिक्षा एक सबसे सशक्त माध्यम है। जाति आधारित भेदभाव और असमानता को दूर करने के लिये उन्होंने अपनी शिक्षा का इस्तेमाल किया। बाबासाहेब ने भारत में महिलाओं के अधिकारों के लिये संघर्ष किया और उनकी रक्षा एवं सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिये कई नीतियां बनवाईं। उनके जीवन ने कई लोगों को प्रेरणा दी और इस शो का हिस्सा बनकर मुझे उनके सिद्धांतों को और करीब से जानने का मौका मिला।‘‘ 

देखिये ‘दूसरी माँ‘ रात 8:00 बजे, ‘एक महानायक-डॉ  बी.आर. आम्बेडकर‘ रात 8:30 बजे, ‘हप्पू की उलटन पलटन‘ रात 10:00 बजे और ‘भाबीजी घर पर हैं‘ रात 10:30 बजे, हर सोमवार से शुक्रवार, सिर्फ एण्डटीवी पर!

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