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केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज केरल के कोच्चि में अमृता अस्पताल के रजत जयंती समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज केरल के कोच्चि में अमृता अस्पताल के रजत जयंती समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। अपने संबोधन की शुरुआत में अमित शाह ने ओडिशा में हुए दुःखद रेल हादसे में जान गंवाने वाले और घायल हुए लोगों के परिवारवालों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि वे जब भी केरल आते हैं तो उनके मन को बहुत शांति और आनंद का अहसास होता है। उन्होंने कहा कि वे कई बार अपने जीवन में अम्मा से मिले हैं और हर बार उनसे नई चेतना और ऊर्जा प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि विश्व के करोड़ों लोगों को अम्मा ने अपना प्यार, स्नेह और ऊर्जा दी है। अम्मा ने सच्चे अर्थों में उनसे मिलने वाले हर व्यक्ति के जीवन में चेतना, ऊर्जा और अनंत शांति का भाव जगाया है। श्री शाह ने कहा कि वे केवल अम्मा के अच्छे कार्यों को एक्नॉलेज करने के लिए आज यहां आए हैं। उन्होंने कहा धर्म, परंपरा, संस्कृति और सेवा के क्षेत्र में अम्मा ने पांच दशकों में जो योगदान दिया है, उसने भारत सहित पूरे विश्व में सनातन संस्कृति को यश दिलाया है। श्री शाह ने कहा कि पूरे विश्व में भारत की सनातन संस्कृति और परंपरा के अच्छे पहलुओं को उजागर करके अम्मा ने एक नया आयाम और परिचय देने का काम किया है।

अमित शाह ने कहा कि अम्मा ने जीवन में जो भी किया वो हमेशा सफल हुआ और ये संस्थान उसी का उदाहरण है और 125 बिस्तरों के साथ शुरू हुआ ये संस्थान आज 1350 बिस्तरों के साथ दुनिया का सबसे अच्छा संस्थान है। उन्होंने कहा कि एक्सीलेंस, इनोवेशन और संवेदना के साथ रोगी की देखभाल के प्रति समर्पित ये संस्थान भारत के उत्कृष्ट सेवा केन्द्रों में से एक है। श्री शाह ने कहा कि इस संस्थान की उलब्धियों से स्वास्थ्य के क्षेत्र में सेवा के एक नए युग की शुरूआत हुई है। उन्होंने कहा कि आज अम्मा के आशीर्वाद से अमृतापुरी परिसर और कोच्चि परिसर में एक स्टेट ऑफ द आर्ट फैसिलिटी बनाने की भी घोषणा हुई है। उन्होंने कहा कि इसका कुल क्षेत्रफल 1.85 लाख स्क्वेयर फीट से अधिक होगा। श्री शाह ने कहा कि अमृता मल्टी-डिसिप्लिनरी रिसर्च इनोवेशन एंड ट्रांस्लेशन हब दुनिया में रिसर्च के क्षेत्र में बहुत प्रतिष्ठित संस्थान बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि अमृतापुरी में 1.85 लाख वर्गफुट, शिकागो में 20 हज़ार वर्गफुट, फरीदाबाद में 3 लाख वर्गफुट और कोच्चि में 10 लाख वर्गफुट क्षेत्र में ये संस्थान शुरू होने जा रहे हैं।  

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि आज सेवा के क्षेत्र में अमृता अस्पताल के स्वर्णिम 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि 1998 से 2023 तक की यात्रा में इस अस्पताल में 20 लाख से अधिक रोगियों का पूरी तरह से मुफ्त इलाज किया गया है। उन्होंने कहा कि 20 लाख गरीब रोगियों की सेवा मुफ्त करके अमृता अस्पताल ने उनके जीवन में दीप प्रज्ज्वलित करने का काम किया है। श्री शाह ने कहा कि इन लाखों लोगों के मुफ्त इलाज पर लगभग 800 करोड़ रूपए खर्च किए गए हैं और सेवा परमोधर्म के वाक्य को अम्मा के इस संस्थान ने पूरी तरह से चरितार्थ किया है। उन्होंने कहा कि सिर्फ सेवा ही नहीं बल्कि मेडिकल के क्षेत्र में कई नई शुरूआत इस संस्थान ने की हैं जो अम्मा की सेवा की भावना से ही प्रेरित है। भारत में पहली बार माइक्रो ब्लड स्टेम सेल ट्रांस्प्लांट करने का काम अमृता अस्पताल ने किया, सबसे पहला पूर्ण रूप से रोबोटिक लिवर ट्रास्प्लांट भी यहीं हुआ और रोबोटिक घुटना और हिप रिप्लेसमेंट का काम भी सबसे पहले यहीं पर हुआ। उन्होंने कहा कि भारत में सबसे पहली मेडिकल 3-डी प्रिंटिंग सुविधा भी यहीं पर उपलब्ध हुई और पूरे विश्व में पहली बार 2022 में सबसे छोटे कृत्रिम हृदय पंप का ट्रांस्प्लांट भी यहीं हुआ।

श्री अमित शाह ने कहा कि अम्मा का ये कहना है कि असंतोष सबसे बड़ी गरीबी और संतोष वास्तविक समृद्धि है। उन्होंने कहा कि इसीलिए पूर्व राष्ट्रपति डॉ. कलाम ने कहा था कि देना उन्होंने अमृतापुरी से सीखा। श्री शाह ने कहा कि अम्मा के इस संस्कार ने 4 करोड़ लोगों के जीवन में उत्साह, स्नेह, प्रेम औऱ वात्सल्य का समुद्र देकर उन्हें नई आशा के साथ जीवन जीने की प्रेरणा दी है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी उपलब्धियों के साथ सतत रूप से 50 सालों से सेवा करने के बावजूद अम्मा में बहुत विनम्रता देखने को मिलती है। श्री शाह ने कहा कि अम्मा की सेवा का दायरा ना केवल भारत बल्कि पूरा विश्व तक है। उन्होंने कहा कि 2001 में गुजरात में आए भूकंप में अम्मा के फाउंडेशन ने 2 गाँव में 1200 से अधिक भूकंप-प्रतिरोधी घर बनाए और आज भी उन्हें अम्मा के गांव के नाम से जाना जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे कई उदाहरण हैं, जैसे, 2015 का नेपाल भूकंप, 2014 का जम्मू-कश्मीर की बाढ़, 2014 में फिलीपीन्स का तूफान और 2004 की भारत और श्रीलंका में आई सूनामी, हर बार अम्मा ने अपने अनुयायियों के साथ अनेक पीड़ित लोगों की मदद करने के लिए बड़े उत्साह के साण काम किया। भारत में स्वच्छता अभियान को गति देने के लिए अम्मा ने 200 करोड़ रुपए दिए जिनमें से 100 करोड़ रूपए गंगा किनारे बसे गांवों में शौचालय बनाने के लिए और 100 करोड़ रूपए केरल में शौचालय बनाने के लिए दिए। श्री शाह ने कहा कि इसके अलावा 45,000 घरों का निर्माण और लगभग 1 करोड़ गरीबों को प्रतिवर्ष अनाज देने का कार्यक्रम अम्मा के माध्यम से चलता है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि ये आज़ादी के अमृत महोत्सव का वर्ष है औऱ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में स्वास्थ्य के क्षेत्र में विगत 9 सालों में देश में एक होलिस्टिक अप्रोच के साथ बहुत बड़ा परिवर्तन लाने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के स्वच्छ भारत अभियान, फिट इंडिया मिशन, पोषण मिशन, मिशन इंद्रधनुष, आयुष्मान भारत और जलजीवन मिशन आदि के तहत लोगों को स्वस्थ रखने के लिए कई पहल की गई हैं। श्री शाह ने कहा कि देश के 60 करोड़ गरीबों को आयुष्मान भारत योजना के तहत  5 लाख रूपए तक का स्वास्थ्य का पूरा खर्चा मोदी सरकार ने मुफ्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में इन्फ्रास्ट्रक्चर में बहुत वृद्धि हुई है। 2013-14 में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 387 थी, जो आज बढ़कर 648 हो गई है। एमबीबीएस सीटों की संख्या 51,000 से बढ़कर 99,000 हो गई है, पोस्ट-ग्रेजुएट सीटों की संख्या 31,000 से बढ़कर 64,000 हो गई है और देशभर में 22 नए एम्स बनाए गए हैं। कोरोनाकाल में 130 करोड़ भारतीयों को 230 करोड़ से अधिक मेड इन इंडिया कोरोना के टीके लगाने का काम भारत में हुआ है। अमित शाह ने आशा व्यक्त कि अम्मा के आशीर्वाद से ये संस्थान अपना स्वर्ण जयंती समारोह भी मनाए और शताब्दी इससे भी भव्य तरीके से मनाए।

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