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दिल्ली : उपहार स्वरूप प्रकृति का आशीर्वाद छोड़ गए राजधानी वाले ‘ग्रीन गणेशा’

गणेश चतुर्थी पर्व पर हर साल श्रद्धालु गणपति बप्पा को खुशी-खुशी अपने घर लाते हैं और अगले साल फिर से आने की प्रार्थना के साथ दुखी मन से ही सही, परंपरागत रूप से उनकी प्रतिमा का विसर्जन करते हैं। यूं तो धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रद्धालुओं के साथ हमेशा भगवान गणेश का आशीर्वाद रहता ही है, पर इस बार दिल्ली नगर निगम की ओर से कुछ ऐसा प्रयास किया गया है कि भगवान गणेश से मिलने वाला आशीर्वाद न सिर्फ श्रद्धालुओं को प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देगा, बल्कि हमेशा उनके साथ बना भी रहेगा। हम बात कर रहे हैं ‘ग्रीन गणेशा’ यानी ऐसी गणेश प्रतिमा की, जो विसर्जित किए जाने के बाद श्रद्धालुओं को विसर्जन स्थल पर प्रकृति के आशीर्वाद के रूप में एक पौधा देकर जाएगी।

राजधानी दिल्ली के रोहिणी इलाके में ‘स्वच्छता पखवाड़ा – स्वच्छता ही सेवा’ के अंतर्गत नगर निगम ने दो निजी कंपनियों के सहयोग से मिट्टी की ऐसी गणेश प्रतिमा तैयार कराई, जो विसर्जन के सात दिन के अंदर मिट्टी में समा जाएगी और सप्ताह भर के भीतर उसमें से एक बीज निकलेगा। इसके बाद जिस स्थान पर उसे दबाया जाएगा, 15 दिनों के अंदर उसी स्थल पर पौधा उगेगा, जिसकी अच्छे से देखभाल किए जाने पर वह भगवान गणेश की ओर से उपहार के रूप में हमेशा श्रद्धालुओं के साथ रहेगा।

यह अनोखी पहल री-सस्टेनेबिलिटी और दिल्ली एमएसडब्ल्यू सॉल्यूशंस के सहयोग से की गई, जिसे आमजन के साथ अधिकारियों से भी काफी सराहना मिल रही है। यह प्रतिमा एक बास्केट में रख कर विसर्जित की जाती है, जिसे पानी में भिगाने के बाद मिट्टी में दबाया जा सकता है। फिर कुछ दिनों बाद यह प्रतिमा मिट्टी में घुल जाती है और उसी स्थान पर एक पौधा निकल आता है।

स्वच्छ भारत मिशन – शहरी 2.0 के अंतर्गत चलाए जा रहे इस पखवाड़े के हिस्से के रूप में यह प्रयास दिल्ली नगर निगम की ओर से किया गया, जिसके तहत निजी कंपनियों के सहयोग से लोगों को निशुल्क 3 हजार ग्रीन गणेशा प्रतिमाएं भेंट की गईं और लोगों को आयोजन स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने के प्रति जागरूक किया गया। इसका उद्देश्य हर साल यमुना किनारे विसर्जन के चलते एकत्रित होने वाले गणेश प्रतिमाओं के अंश और पूजा सामग्री के ढेर को कम करना था। निगम अधिकारियों का कहना है कि अगर सभी ग्रीन गणेशा विशेष प्रतिमाओं को विसर्जित करना शुरू कर दें, तो गणेशोत्सव के बाद यमुना किनारे अवशेषों के चलते होने वाली समस्या को पूरी तरह से खत्म किया जा सकता है। बताते चलें कि स्वच्छता पखवाड़ा – स्वच्छता ही सेवा के अंतर्गत अब तक देश भर में 2.6 करोड़ लोग जुड़ चुके हैं और राजधानी दिल्ली की बात करें 19 जगह विशेष गतिविधियों का अयोजन कराया जा चुका है और 10 हजार के करीब लोग अभियान से जुड़े हैं।

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