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केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने रोगी देखभाल की बदलती आवश्यकताओं को पूरा करने और उपलब्ध नवीनतम नैदानिक और चिकित्सीय तौर-तरीकों का सर्वोत्तम उपयोग करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्वांटम और अन्य नई प्रौद्योगिकियों के साथ चिकित्सा विज्ञान के छात्र (मेडिकोज) को कुशल बनाने का प्रस्ताव रखा

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने रोगियों की देखभाल की बदलती आवश्यकताओं को पूरा करने और उपलब्ध नवीनतम नैदानिक और चिकित्सीय तौर-तरीकों का सर्वोत्तम उपयोग करने के लिए एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), क्वांटम और अन्य नई प्रौद्योगिकियों के साथ चिकित्सा विज्ञान के छात्र (मेडिकोज) को कुशल बनाने का प्रस्ताव दिया है।

डॉ. जितेंद्र सिंह बेंगलुरु के रमैया मेडिकल कॉलेज में राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान अकादमी (भारत) के 63वें वार्षिक दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे।

विशेष रूप से युवा पेशेवरों में निरंतर कौशल निर्माण पर जोर देते हुए, डॉ. जितेंद्र सिंह, जो एक प्रसिद्ध मधुमेह विशेषज्ञ और मेडिसिन के प्रोफेसर भी हैं, ने कहा कि भारत ने प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में रोग निरोधी और एकीकृत स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में नेतृत्व किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान अकादमी (एनएएमएस) जैसे पेशेवर चिकित्सा निकाय और सरकार देश के सभी नागरिकों को रोग निरोधी स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए एक साथ आगे आकर कार्य कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि, “जहां भी हम रोगी की देखभाल करने में सक्षम नहीं हैं, हम कम से कम नई तकनीक के माध्यम से बीमारियों की रोकथाम पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं और मुझे लगता है कि यह एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान अकादमी (एनएएमएस) रोग निरोधी चिकित्सकों की सेवाएं ले सकता है, जो विशुद्ध रूप से रोग निरोधी चिकित्सा क्षेत्र में विशेषज्ञ हों। यदि हम ऐसा कर पाते हैं तो हम न केवल चिकित्सा अथवा चिकित्सकीय देखभाल क्षेत्र में सेवाएं प्रदान करेंगे, बल्कि वास्तव में उस विशाल युवा वर्ग की ऊर्जा को संरक्षित करते हुए  राष्ट्रीय जिम्मेदारी को निभाएंगे, जो India@2047 का वास्तुकार बनने जा रहा है।”

डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि पिछले 9 वर्षों ने भारत को कम लागत में चिकित्सा सुविधा के गंतव्य के रूप में बदला है और यह इसलिए संभव हुआ है क्योंकि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कार्यभार संभालने के बाद से कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य देखभाल सुधारों और सक्षम प्रावधानों को कार्य रूप में लाया गया है।

उन्होंने कहा, ”पहले भारत को शायद ही किसी रोग निरोधी स्वास्थ्य देखभाल के लिए जाना जाता था, लेकिन आज भारत को दुनिया के टीकाकरण केंद्र के रूप में पहचाना जाता है, जिसने डीएनए कोविड वैक्सीन, दुनिया का पहला इंट्रा-नेजल कोविड वैक्सीन, भारत का पहला स्वदेशी रूप से विकसित टीका, सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए “सीईआरवीएवीएसी” और विभिन्न बीमारियों के लिए कई अन्य टीकों का उत्पादन किया है।”

डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में 145 मेडिकल कॉलेज से यह संख्या बढ़कर 260 हो गई है, इसके अलावा एम्स ने 19 शैक्षणिक सत्र शुरू कर दिए हैं। एमबीबीएस यूजी सीटों की संख्या वर्ष 2014 में 51,348 से बढ़कर 91,927 हो गई है, जो 79% की वृद्धि है। पीजी सीटों की संख्या भी वर्ष 2014 में 31,185 सीटों से 93 फीसदी बढ़कर 60,202 सीटें हो गई हैं।

डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि आयुष्मान भारत अब तक की दुनिया की सर्वश्रेष्ठ स्वास्थ्य बीमा योजना है और इसकी संकल्पना का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को जाता है। उन्होंने कहा कि यह संभवत: दुनिया की एकमात्र स्वास्थ्य बीमा योजना है जो पहले से मौजूद बीमारी के लिए भी बीमा कवर लेने का विकल्प प्रदान करती है।

डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि लोगों की उम्र बढ़ने से भारत को अमृतकाल के दौरान द्विध्रुवीय चुनौती का सामना करना पड़ेगा।

उन्होंने कहा, “70 प्रतिशत से अधिक आबादी 40 वर्ष से कम आयु की है। एक ओर, युवा आयु वर्ग में जनसंख्या का एक बड़ा प्रतिशत है, और दूसरी ओर, हमारे पास बुजुर्ग आबादी की बढ़ती संख्या है। इस प्रकार, हमारे सामने बीमारियों को फैलने से रोकने के साथ-साथ अक्षमता की जांच करने की दोहरी चुनौती है।”

डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि भारत ने स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, हाल ही में चन्द्रयान-3 के प्रक्षेपण, क्वांटम प्रौद्योगिकी आदि के क्षेत्र में लंबी छलांग लगाई है। नई दिल्ली में सबसे सफल जी 20 शिखर सम्मेलन के मौके पर घोषित अंतर्राष्ट्रीय जैव ईंधन गठबंधन का चिकित्सा बिरादरी पर भी बहुत बड़ा असर पड़ेगा।

उन्होंने कहा, ‘इसने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को दुनिया के सबसे सर्वश्रेष्ठ नेताओं में से एक  या संभवतः विश्व के सर्वश्रेष्ठ नेता के रूप में स्थापित किया है।’

विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री ने कहा कि चंद्रयान-3 और भारत की वैक्सीन की कहानी पिछले चार-पांच वर्षों में भारत की बड़ी सफलता की कहानियां हैं।

“हमारे पास सब कुछ था, लेकिन हम संभवतः एक सक्षम वातावरण के होने का इंतजार कर रहे थे। यह अनुकूल वातावरण नीति निर्माताओं के स्तर से, राजनीतिक नेतृत्व के स्तर से आना चाहिए और यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आने के बाद से हुआ।”

उन्होंने कहा, “ऐसे देश में जहां 40 वर्ष से कम आयु की 70 प्रतिशत आबादी है और आज के युवा India@2047 के प्रमुख नागरिक बनने जा रहे हैं, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा हमारी अर्थव्यवस्था के लिए निर्धारित विकास की अपेक्षित दर को प्राप्त करने में रोग निरोधी स्वास्थ्य देखभाल और व्यापक स्तर पर सामूहिक स्वास्थ्य जांच मदद करेगी।”

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