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शरमन जोशी और अन्नू कपूर अभिनीत बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘सब मोह माया है’ सबसे पहले टीवी पर, ज़ी अनमोल सिनेमा पर!

अपने ब्रांड के बेमिसाल वादे ‘आपकी फैमिली का सिनेमा हॉल’ के साथ ज़ी अनमोल सिनेमा शानदार फिल्मों के साथ लगातार बेहतरीन मनोरंजन प्रस्तुत कर रहा है, जिसे देश भर के दर्शक बेहद पसंद करते हैं। यह चैनल हमेशा अपने दर्शकों को कमाल का अनुभव देने का प्रयास करता है और उन्हें हरदम ताजा सामग्री दिखाने के लिए प्रतिबद्ध है। यही वजह है यह चैनल परिवारों के सबसे पसंदीदा चैनल के रूप में स्थापित हो चुका है। अपने इसी प्रयास में एक कदम आगे बढ़ते हुए ज़ी अनमोल सिनेमा ने शरमन जोशी और अन्नू कपूर अभिनीत बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘सब मोह माया है’ का ट्रेलर जारी कर दिया है, जहां दर्शक अपने घरों में आराम से बैठकर इस फिल्म का मजा ले सकते हैं।

विनोद भानुशाली, कमलेश भानुशाली, दीपक दीवान और संपत सिंह राठौड़ के निर्माण में बनी ‘सब मोह माया है’ का निर्देशन नवोदित फिल्म निर्देशक अभिनव पारीक ने किया है, जो 18 नवंबर को सबसे पहले टीवी पर ज़ी अनमोल सिनेमा पर दिखाई जा रही है। सिनेमाघरों या ओटीटी पर आने वाली फिल्मों के चलन से आगे बढ़ते हुए, ज़ी अनमोल सिनेमा इस फिल्म के साथ सिनेमा के जादू को टेलीविजन स्क्रीन पर साकार करना चाहता है।

‘सब मोह माया है’ ज़िंदगी के उतार-चढ़ाव, नौकरी के संघर्ष और बाप-बेटे के रिश्तों को लेकर एक ताजगी भरी पेशकश है। शरमन जोशी ने सरकारी नौकरी की तलाश में जुटे एक युवक का किरदार निभाया है। दूसरी ओर, प्रतिभाशाली एक्टर अन्नू कपूर ने एक ऐसे सरकारी कर्मचारी का किरदार निभाया है, जो जल्द ही रिटायर होने वाले हैं।

शरमन जोशी ने कहा, “यह फिल्म कई मायनों में खास है। यह हास्य और जज़्बातों का संगम है जो दर्शकों के दिलों में घर कर जाएगी। ‘सब मोह माया है’ बेरोजगारी की कड़वी हकीकत बयां करती है और ये भी बताती है कि सरकारी नौकरी पाने के लिए एक इंसान किस हद तक जा सकता है। मेरे किरदार में ऐसे कई लोगों के संघर्ष और हताशा की झलक मिलती है जो काम की तलाश कर रहे हैं। लेकिन, अंत में यह मुक्ति की एक दिल छू लेने वाली कहानी है जो हमें परिवार की अहमियत बताती है और इस सफर में सीखे गए सबक का एहसास दिलाती है, जिसे बड़ी खूबसूरती से हास्य के जरिए दिखाया गया है।” 

अन्नू कपूर कहते हैं, ‘‘एक एक्टर के तौर पर मैंने कई बार पिता की भूमिका निभाई है लेकिन यह उन सबसे बहुत अलग है। यह फिल्म बाप-बेटे के रिश्ते की उलझनों को उजागर करती है, जिसमें प्यार, संघर्ष और इसके साथ आने वाले बलिदानों को दर्शाया गया है। यह एक ऐसी कहानी है जो कई लोगों से जुड़ती है और मेरा किरदार, जो कि एक पिता है, उस अनकहे प्यार का आईना है जो मां-बाप अपने बच्चों से करते हैं।”

निर्देशक अभिनव पारीक ने कहा, ‘‘सब मोह माया है’ मेरी पहली फिल्म है और यह एक बेमिसाल अनुभव रहा। यह फिल्म इंसानी रिश्तों की उलझनों और एक परिवार के प्यार की झलक दिखाती है, जो कि हमेशा से पसंद किया जाने वाला विषय है। मैं एक ऐसी कहानी बनाना चाहता था जो न सिर्फ मनोरंजन करे बल्कि दर्शकों को ज़िंदगी में, खास तौर से परिवार के मामलों में, उनके द्वारा चुने गए विकल्पों पर भी सोचने पर मजबूर करे। फिल्म में हास्य और भावनाओं का संतुलन इसे एक अनूठा अनुभव बनाता है। मैं इस बात से रोमांचित हूं कि इस रिलीज़ के जरिए अब बड़ी संख्या में दर्शकों को कहानी से जुड़ने का मौका मिलेगा।”

फिल्म की कहानी कुछ इस तरह है – राम नरेश मिश्रा एक साधारण चपरासी हैं. जो जल्द ही रिटायर होने वाले हैं। उनका सपना है कि उनके बेटे पियूष को एक सरकारी नौकरी मिले। पियूष एक बीमा एजेंट जो किसी भी सरकारी पद पर नौकरी करने के लिए संघर्ष करता है। इस तलाश को लेकर उनकी रोज़-रोज़ की बहस में उनकी गहरी हताशा सामने आती है। इस कहानी में तब एक मोड़ आता है जब पियूष को ‘अनुकंपा योजना’ के जरिए अपने दोस्त राजू की सरकारी नौकरी के बारे में पता चलता है। इसके बाद पियूष एक हैरान कर देने वाली इच्छा ज़ाहिर करता है और नौकरी पाने की चाहत में अपने पिता से मरने के लिए कहता है। इससे मिश्रा जी का पारा चढ़ जाता है, लेकिन वे आखिरकार अपने बेटे की बात से सहमत हो जाते हैं, लेकिन एक शर्त पर। असल में, वे अपनी वास्तविक मृत्यु से पहले अपनी “तेरहवी” करना चाहते हैं। इसके बाद इस मध्यवर्गीय परिवार के संघर्षों और रिश्तों को लेकर बड़ी हास्यप्रद लेकिन वास्तविक घटनाओं का सिलसिला चल पड़ता है। 

तो इस 18 नवंबर को आप भी ‘सब मोह माया है’ के साथ हंसने, रोने और ज़िंदगी के शानदार सफर का एहसास करना ना भूलें, सबसे पहले टीवी पर, ज़ी अनमोल सिनेमा पर।

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