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क्षेत्रीय टेक्सटाइल ताकतें‘भारत टेक्स 2024’एक्सपो में भारत की उभरती टेक्सटाइल इंडस्ट्री का जश्न मनाने को उत्साहित

भारत का प्रमुख वैश्विक टेक्सटाइल कार्यक्रम‘भारत टेक्स 2024’गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की प्रतिष्ठित हथकरघा एवं हस्तशिल्प परंपराओं के भव्य संगम का गवाह बनने के लिए तैयार है। पांच भारतीय राज्य सुर्खियों में छाने के लिए तैयार हैं, क्योंकि वे कलात्मक उत्कृष्टता, हथकरघा शिल्प कौशल की विशेषता और विशिष्ट टेक्सटाइल नवप्रवर्तनों की एक साझा प्रस्तुतिदेने वाले हैं।

उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के ‘साझेदार राज्य‘के रूप में शामिल होने के साथभारत टेक्स 2024कार्यक्रम ने गुजरात, तेलंगाना और मध्य प्रदेश को ‘सहायक साझेदार राज्य‘के रूप में शामिल होने की घोषणा की है। आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और असमइस प्रमुख वैश्विक टेक्सटाइल कार्यक्रम में राज्य मंडप स्थापित करेंगे। मध्य प्रदेश की प्रतिष्ठित बाटिक प्रिंटिंग, हैंड-ब्लॉक प्रिंटिंग, चंदेरी और माहेश्वरी सिल्क, गुजरात की बंधनी, पटोला सिल्क, हैंड-पेंटिंग, उत्तर प्रदेश की चिकनकारी, जरी-जरदोजी, महाराष्ट्र की पैठणी साड़ी, वारली आर्ट, मशरू और हिमरू से लेकर आंध्र प्रदेश की अत्यंत-प्रशंसित जूट, हाथ से तैयार कलमकारी, हाथ से बुनी गईंभव्य धर्मावरम साड़ियां और बढ़िया मंगलागिरी सूती बुनाई तकभारत टेक्स 2024 विश्व स्तर पर प्रशंसित राज्यों की हस्तशिल्प और हथकरघा परंपराओं तथा नीतियों, नवीन प्रौद्योगिकियों व आगामी टेक्सटाइल पार्कों जैसी पहलों के संदर्भ में राज्य की प्रगतिशील पहलों का प्रदर्शन करेगा।

राज्य की साझेदारी पर टिप्पणी करते हुए महाराष्ट्र के माननीय मुख्यमंत्री श्री एकनाथ संभाजी शिंदे ने कहा, “मुझे भारत टेक्स 2024आयोजन में साझेदार राज्य के रूप में महाराष्ट्र की भागीदारी की घोषणा करते हुए अत्यंत गर्व हो रहा है। भारत में सबसे बड़ी अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी के रूप मेंयह आयोजनउद्योग में आपसी सहयोग और नवप्रवर्तन के लिए सबसे बड़े मंच का आकार ले रहा है। महाराष्ट्र भारत में टेक्सटाइल और परिधान क्षेत्र की विकास गाथा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है; चाहे वह पैठणी साड़ी की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा हो या कुछ महत्वाकांक्षी स्टार्ट-अप द्वारा स्मार्ट टेक्सटाइल्स की उन्नति। टेक्सटाइल और तकनीकी टेक्सटाइल क्षेत्र महाराष्ट्र के आर्थिक परिदृश्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, और हम इसकी निरंतर सफलता को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। महाराष्ट्र यह सुनिश्चित करेगा कि बुना गया प्रत्येक धागा 2047 में एक विकसित भारत की दिशा में हमारे देश की प्रगति की समृद्ध तस्वीर में जुड़ जाए।”

मध्य प्रदेश के ‘सहायक साझेदार राज्य’ के रूप में शामिल होने परमध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्रीश्री डॉ. मोहन यादवने कहा, “मध्य प्रदेश की समृद्धि उसके उद्योगों की प्रगति में निहित है। उद्योगों की स्थापना से रोजगार के अवसरों में वृद्धि होती है। राज्य सरकार व्यापक विकास, सुशासन को बढ़ावा देने और एक प्रभावी प्रणाली को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

गुजरात के ‘सहायक साझेदार राज्य’ के रूप में शामिल होने परगुजरात के माननीय मुख्यमंत्रीश्री भूपेन्द्र पटेल ने कहा, “गुजरात के लिएकपड़ा सिर्फ एक उद्योग नहीं है, बल्कि एक परंपरा और विरासत भी है, जिसे हम अपने हस्तशिल्प और मशीनों के जादू के जरिये दुनिया के सामने प्रस्तुत करते हैं। टेक्सटाइल क्षेत्र की वृद्धि भारत की वृद्धि और रोजगार के अवसरों की वृद्धि में निहित है। हमारा कपड़ा उद्योग एक प्रकाशस्तंभ के रूप में खड़ा है, जो हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रस्तुत अवधारणा 5एफ (फार्म टू फाइबर टू फैक्ट्री टू फैशन टू फॉरेन) को साकार करता है। आज गुजरात दुनिया भर के परिधान आयातकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। पूरे देश में बुने हुए फाइबर उत्पादन में गुजरात सबसे अधिक योगदानदेने वाला राज्य है, जो ‘मेक इन इंडिया‘ और ‘मेक फॉर द वर्ल्ड‘ में अग्रणी बनने की हमारी महत्वाकांक्षा को दर्शाता है।”

तेलंगाना के ‘सहायक साझेदार राज्य’ के रूप में शामिल होने परतेलंगाना के माननीय मुख्यमंत्रीश्री अनुमुला रेवंत रेड्डी ने कहा, “ऐतिहासिक रूप सेवस्त्रों का सभ्यता के विकास के साथ एक अनूठा रिश्ता रहा हैऔर टेक्सटाइल के संदर्भ में दुनिया में भारत की एक अद्वितीय नेतृत्व स्थिति रही है। ऐसे संदर्भ में देखा जाने वाला भारत टेक्स 2024 कार्यक्रमएक्सपोर्ट प्रोमोशन काउंसिल्स द्वारा शुरू की गई एक स्वागत योग्य पहल है, न केवल भारत के अद्वितीय टेक्सटाइल उत्पादों को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने के लिए,अपितुटेक्सटाइल और परिधान क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिए एक मंच के रूप में भी। तेलंगाना में हथकरघा की एक जीवंत, विविध और समृद्ध विरासत है, जिसमें गडवाल, नारायणपेट, पोचमपल्ली इक्कत के कपड़े और बंजारा कला, बिदरी आदि जैसे हस्तशिल्प शामिल हैं। सभी 5एफक्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति के साथतेलंगाना टेक्सटाइल के लिए एक अग्रणी विनिर्माण केंद्र भी है। भारत टेक्स 2024 कार्यक्रम के साथहम पूरी दुनिया के सामने तेलंगाना की टेक्सटाइल गाथा को प्रदर्शित करने के लिए एक अपनी ही तरह के अनूठे मंच का लाभ उठाने की उम्मीद कर रहे हैं।” मुस्कान सिंह

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