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नौकरी पर पड़ता तनाव का प्रभाव

रोजगार एक व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य पर एक भारी प्रभाव डालता है, यह प्रभाव सकारात्मक या नकारात्मक भी हो सकता है। न कार्यरत हैं या रोजगार प्रभाव का नुकसान मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है, लेकिन एक गलत जगह काम करना या एक अस्वास्थ्यकर वातावरण में काम करना भी उतना ही मानसिक स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेय होता हैं।
एक बार अगर आपको यह महसुस होने लगे कि आपकी नौकरी आपको मारने जा रही या मार ही डालेगी, हो सकता है यह सच भी हो। एक व्यक्ति का काम उसकी शारीरिक और मानसिक खुशी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अत्यधिक काम का दबाव व्यक्ति के उत्पादकता, विश्वास, व्यवहार आदि के साथ हस्तक्षेप करता है। मानसिक बीमारी अवसाद, चिंता या तनाव में काम करने के कारण पदार्थ निर्भरता के रूप में अप्रत्याशित कर सकते हैं। सहायक कारण बहुत है,
काम करने की लंबी अवधि का होना।
लंबे आने का समय।
मामूली वेतन।
वरिष्ठों या स्वायत्तता की कमी के साथ संचार का अभाव।
अमित्र वातावरण, काम के स्थान पर राजनीति।
भविष्य के विकास के लिए कोई वादे या काम की सुरक्षा न होना।
काम के तनाव को कम करने या उससे लडने में मददगार हो सकते हैं यह कुछ सुझाव।
स्वस्थ जीवन शैली विकल्प चुने जिसमें नशे की लत पदार्थों से परहेज, शारीरिक व्यायाम, पोषक आहार, पर्याप्त नींद आदि शामिल हो।
प्राथमिकता कार्य, एक संतुलित कार्यक्रम बनाने, अधिक प्रतिबद्ध नहीं है, और नियमित रूप से ब्रेक ले।
प्रतिनिधि जिम्मेदारियों और समझौता करने के लिए तैयार हो।
एक दोस्ताना सामाजिक माहौल बनाएं, अपने सहयोगियों के साथ संवाद करें और सकारात्मक संघर्ष का समाधान करें।
प्रशंसा और हर किसी के प्रयासों की उदार बनो।
थकान के लक्षण को पहचानें और लगातार काम करते रहें।
खास टिप्स
सबसे पहले तो उसे अकेला ना छोड़े, कोई-ना-कोई उसके साथ रहे। उससे बात करते रहे, उसके अंक पर उसे किसी तरह दोष ना दें। बुराई ना करें और उसकी उस मेहनत पर भी उसकी तारीफ करें। हमें रिजल्ट को उपर समझाना चाहिए और यह समझाना चाहिए कि इम्तिहान तो जिंदगी के हर कदम पर देने पड़ते है और यदि वह इस मामूली परिणाम से ही घबरा जाएगी तो आगे के इम्तिहान को कैसे पार करेगी। यदि फिर भी बहुत डिप्रेशन हो जाए तो किसी मनोचिकित्सक से संपर्क करें।
अपनी परेशानियों को हल करने के लिए शराब का सेवन करना एक बहुत ही गलत तरीका है। इससे परेशानी कम होने की वजह ओर बढ़ जाती है और इससे हमारा स्वास्थ्य भी खराब हो जाता है। काम के तनाव को कम करने या उससे लडने के लिए यह सुझाव अपनाएं जैसे स्वस्थ जीवन शैली विकल्प चुने जिसमें नशे की लत पदार्थों से परहेज, शारीरिक व्यायाम, पोषक आहार, पर्याप्त नींद आदि शामिल हो। इसके अलावा प्राथमिकता कार्य, एक संतुलित कार्यक्रम बनाने, अधिक प्रतिबद्ध नहीं है और नियमित रूप से ब्रेक ले, प्रतिनिधि जिम्मेदारियों और समझौता करने के लिए तैयार रहें, एक दोस्ताना सामाजिक माहौल बनाएं, अपने सहयोगियों के साथ संवाद करें और सकारात्मक संघर्ष का समाधान करें, प्रशंसा और हर किसी के प्रयासों की उदार बनें, थकान के लक्षण को पहचानें और लगातार काम करते रहें। अगर तरीकें के बावजूद आपको कामयाबी ना मिलें तो किसी विशेषज्ञ मनोचिकित्सक से संपर्क करें।

फोबिया में आदमी के मन में एक भय बैठ जाता है जिस कारण वह अपने आपको परिस्थितियों से दूर करता जाता है। आपको उनसे किसी तरह से भी बात करनी चाहिए। हो सकता है उनके ऑफिस में कोई समस्या चल रही हो। रोजगार एक व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य पर भारी प्रभाव डालता है, वे प्रभाव सकारात्मक भी हो सकता है या नकारात्मक भी। न कार्यरत या रोजगार प्रभाव का नुकसान मानसिक स्वास्थ्य पर तो प्रतिकूल प्रभाव डालता है, लेकिन एक गलत जगह काम करना या एक अस्वास्थ्यकर वातावरण में काम करना भी उतना ही मानसिक स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेय हो सकता हैं

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