कल के एपिसोड में आया चौंकाने वाला मोड़ जब ये खुलासा हुआ कि एजेंट नवीन की शीतल के साथ हुई अनपेक्षित साझेदारी कोई धोखा नहीं, बल्कि एक गुप्त मिशन का हिस्सा थी। नवीन का असली मकसद किसी को नहीं पता, और उसका हर कदम एक खतरनाक खेल में सोच-समझकर उठाया गया है।

आज रात कहानी में तनाव और भी बढ़ जाता है जब विक्रम चालाकी से कबीर को बहका कर टीम के भीतर गलतफहमियां और अविश्वास का बीज बो देता है। इस बीच, सहज अब पूरी तरह से यकीन कर चुकी है कि कबीर ही असली मुजरिम है और उसे गिरफ़्तार करने के लिए अड़ी हुई है। जैसे-जैसे राज़ खुलते जा रहे हैं और वफ़ादारियाँ परखी जा रही हैं, टीम बिखरने की कगार पर पहुंच चुकी है।
क्या सहज की सोच सही साबित होगी या वो किसी बड़ी साज़िश का शिकार बन रही है? क्या कबीर सचमुच दोषी है या फिर वो भी किसी और खेल का मोहरा?