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एयर इंडिया फ्लाइट 171 हादसा: ईंधन कटऑफ स्विच के रहस्य पर टिकी जांच, AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे

अहमदाबाद से लंदन गैटविक के लिए उड़ान भर रहे एयर इंडिया के ड्रीमलाइनर बी 787-8 विमान की दुर्घटना में 260 लोगों की जान चली गई। इस दिल दहला देने वाले हादसे की जांच कर रही भारत सरकार की एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी है, जिसमें इस त्रासदी के तकनीकी, मानवीय और यांत्रिक पहलुओं पर प्रकाश डाला गया है।

क्या था दुर्घटना का मुख्य कारण?

AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, 08:08:42 UTC पर विमान के दोनों इंजन के फ्यूल कटऑफ स्विच अचानक एक-एक सेकंड के अंतराल में “RUN” से “CUTOFF” मोड में चले गए, जिससे दोनों इंजनों में ईंधन की आपूर्ति रुक गई और वे बंद हो गए। यह घटना ठीक उस समय हुई जब विमान अधिकतम 180 नॉट्स की गति पर उड़ान भर चुका था।

हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इन स्विचों का कटऑफ मोड में जाना मानव त्रुटि, तकनीकी खराबी या इलेक्ट्रॉनिक गड़बड़ी के कारण हुआ। यह सबसे बड़ा अनुत्तरित प्रश्न है, जिसकी तह में जाने की कोशिश अब भी जारी है।

कौन-कौन से संभावित कारणों को खारिज किया गया है?

रिपोर्ट में कई संभावित कारणों को साफ तौर पर खारिज किया गया है:

  • मौसम: उड़ान के समय मौसम एकदम साफ और अनुकूल था।
  • बर्ड स्ट्राइक: न तो CCTV फुटेज में और न ही जांच में पक्षियों के टकराने के कोई संकेत मिले।
  • एयरक्राफ्ट सेटिंग्स: टेक-ऑफ के लिए फ्लैप 5° पर सेट थे और लैंडिंग गियर सामान्य रूप से रिट्रैक्ट हो रहे थे।
  • भार एवं संतुलन: विमान अधिकतम वजन सीमा के भीतर था।
  • ईंधन की गुणवत्ता: एयरपोर्ट टैंकरों से लिए गए ईंधन सैंपल जांच में उत्तीर्ण पाए गए।
  • पूर्व-स्थित इंजन समस्याएँ: टेकऑफ से पहले दोनों इंजन सामान्य रूप से कार्य कर रहे थे।

कॉकपिट में क्या हुआ?

फ्लाइट की कमान कैप्टन सुमीत सबरवाल (पायलट मॉनिटरिंग) और फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर (पायलट फ्लाइंग) संभाल रहे थे। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर के अनुसार, एक पायलट ने दूसरे से पूछा—”तुमने फ्यूल क्यों कटऑफ किया?”, जिसका उत्तर था—”मैंने ऐसा नहीं किया।”

यह संवाद यह तो दर्शाता है कि दोनों पायलटों में से किसी एक को फ्यूल कटऑफ के बारे में अनजान समझा जा सकता है, लेकिन इस बयान से यह निष्कर्ष निकालना कठिन है कि यह मानव त्रुटि थी या कोई स्वचालित/प्रणालीगत गड़बड़ी।

क्या विमान को बचाया जा सकता था?

पायलटों ने भरसक प्रयास किया। फ्यूल कटऑफ के 10–14 सेकंड के भीतर उन्होंने दोनों स्विच दोबारा “RUN” मोड में कर दिए:

  • इंजन 1 का स्विच – 08:08:52 UTC
  • इंजन 2 का स्विच – 08:08:56 UTC

दोनो इंजनों ने स्वतः रिस्टार्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी, जिसमें इंजन 1 ने कुछ सुधार के संकेत दिखाए, परंतु विमान की ऊँचाई मात्र 625 फीट थी और प्रभाव से पहले केवल 29 सेकंड थे—जो किसी भी रिस्टार्ट प्रक्रिया के लिए अपर्याप्त थे।

क्या विमान में पहले से कोई समस्या थी?

विमान का रखरखाव रिकॉर्ड एकदम साफ था और कोई रिपोर्टेड ईंधन स्विच खराबी पिछले दो वर्षों में दर्ज नहीं थी।

हालांकि, एक अहम पहलू है—FAA (अमेरिकी उड्डयन प्राधिकरण) द्वारा 2018 में जारी एक सलाह पत्र (SAIB NM-18-33), जिसमें फ्यूल कंट्रोल स्विच लॉकिंग सिस्टम के संभावित असक्षम होने की चेतावनी दी गई थी। यह फ्यूल स्विच को अनजाने में हिलने से रोकने के लिए होता है।

एयर इंडिया ने इसे अनिवार्य न मानते हुए निरीक्षण नहीं कराया था, क्योंकि यह सलाहकारी था, अनिवार्य नहीं।

विमान का मलबा और दुर्घटना स्थल

विमान रनवे 23 से उड़ान भरने के बाद केवल 0.9 नॉटिकल माइल की दूरी पर स्थित बीजे मेडिकल कॉलेज हॉस्टल से टकरा गया। उसके बाद विमान के टुकड़े 1000 फीट × 400 फीट क्षेत्र में बिखरे मिले। पंख, लैंडिंग गियर, इंजन, कॉकपिट और अन्य हिस्से कई इमारतों में घुसे हुए पाए गए।

अब आगे क्या होगा?

AAIB ने स्पष्ट किया है कि यह केवल प्रारंभिक रिपोर्ट है और अंतिम निष्कर्ष महीनों या वर्षों में सामने आएगा। जांच के आगामी चरणों में निम्न बिंदुओं पर विशेष ध्यान रहेगा:

  • ब्लैक बॉक्स डेटा की गहन जांच (लगभग 49 घंटे की फ्लाइट और 2 घंटे की ऑडियो रिकॉर्डिंग)
  • फ्यूल कंट्रोल स्विच की यांत्रिक जांच
  • सीमित मात्रा में बचे फ्यूल के सैंपल की विस्तृत जांच
  • तकनीकी विशेषज्ञों और गवाहों से साक्षात्कार
  • पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और एयरोमेडिकल विश्लेषण

AAIB का उद्देश्य भविष्य की दुर्घटनाओं की रोकथाम है, न कि किसी पर दोषारोपण।

निष्कर्ष

एयर इंडिया फ्लाइट AI171 की दुर्घटना एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी, जिसने तकनीकी मानकों और सुरक्षा प्रक्रियाओं की गंभीरता को फिर से उजागर किया है। यह रिपोर्ट इस बात की प्रतीक्षा में है कि फ्यूल कटऑफ स्विच क्यों और कैसे बंद हुए, जो इस पूरे हादसे की गुत्थी का सबसे बड़ा रहस्य है।

इस मामले की अंतिम रिपोर्ट आने तक, उड्डयन जगत की निगाहें AAIB की दिशा में टिकी रहेंगी।

स्रोत: एएआईबी की प्रारंभिक रिपोर्ट

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