काश! मैं संस्कार की AI बन पाँऊ,
बच्चों को यह सिखलाऊँ,
फोन छोड़ पढ़ना होगा अब तुम्हें उन्हें मैं ये बतलाऊँ ।
काश! मैं संस्कार की AI बन पाँऊ,
जो कोई कूड़ा फेंके सड़क पर, उन्हें मैं यह बतलाऊँ ,
कूड़ा फेंके कूड़ेदान में,
पास बुलाकर यह समझाऊँ।
काश! मैं संस्कार की AI बन पाँऊ
काश! मैं ऐसा रोबोट बना पाऊँ, प्रदूषण ना करे कोई भी,
उसके जरिए मैं लोगो को समझा पाऊँ,
कैसे बनना है संस्कारी बच्चों को यह सिखलाऊँ,
माता-पिता से करो आदर से बात,
वरना खाओगे तुम उनसे डाँट ।
बिगड़े वर्तमान को सुधारू भविष्य को आशा दिखलाऊँ।
काश! मैं संस्कार की AI बन पाऊँ
काश! मैं संस्कार की AI बन पाऊँ ।।

कक्षा-चतुर्थ
समरफील्ड विद्यालय, नई दिल्ली