NEW English Version

बुंदेली शेफ सीज़न 3: स्वाद का ताज सजा शाजिदा अमीर के सर, सिंगापुर में भारतीय रेस्तरां खोलने की इच्छा जाहिर की

बुंदेली स्वाद के बूते मिली सीज़न 3 की बुंदेली शेफ- शाजिदा अमीर

पिछले दो महीनों से बुंदेली महिलाओं की पाककला और आत्मविश्वास का उत्सव बन चुकी बुंदेली शेफ सीज़न 3 प्रतियोगिता का भव्य समापन रविवार को छतरपुर स्थित द रुद्राक्ष होटल में हुआ। बुंदेलखंड 24×7 द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता के ग्रैंड फिनाले में स्वाद, हुनर और जुनून की ऐसी जुगलबंदी देखने को मिली, जिसने पूरे बुंदेलखंड को एक बार फिर अपनी रसोई पर गर्व करने का मौका दिया। कड़े मुकाबले को पार करने के बाद झाँसी की शाजिदा अमीर ने अपने लाजवाब बुंदेली व्यंजनों से जजेस को प्रभावित करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया। वहीं, पन्ना की नैंसी शिवहरे, जो वर्तमान में बेंगलुरु में रह रही हैं, ने प्रथम उपविजेता तथा छतरपुर की विभा अग्निहोत्री ने द्वितीय उपविजेता बनने का गौरव प्राप्त किया। फिनाले में छह प्रतिभागी- विभा अग्निहोत्री, स्वप्निल मोदी, रश्मि ठाकुर, शाजिदा अमीर, नैन्सी शिवहरे और वाइल्ड कार्ड एंट्री के ज़रिए शामिल हुईं रानू झा ने अपने हुनर का दमखम दिखाया। तीनों विजेताओं को आकर्षक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया, वहीं फाइनल तक पहुँचने वाली अन्य तीन प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार देकर उनका उत्साह बढ़ाया गया।

बुंदेली शेफ सीज़न 3: स्वाद का ताज सजा शाजिदा अमीर के सर, सिंगापुर में भारतीय रेस्तरां खोलने की इच्छा जाहिर की

ग्रैंड फिनाले की शोभा बढ़ाने के लिए छतरपुर की माननीय विधायक श्रीमती ललिता यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन न सिर्फ स्थानीय महिलाओं को पहचान दिलाते हैं, बल्कि बुंदेलखंड की संस्कृति, परंपरा और रसोई को राष्ट्रीय मंच तक पहुँचाने का काम भी करते हैं। बुंदेली महिलाएँ जिस आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं, वह पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा है।

ग्रैंड फिनाले में निर्णायक की भूमिका में बुंदेली शेफ सीज़न 1 की विजेता शमिता सिंह और सीज़न 2 की विजेता ज़हीदा परवीन शामिल रहीं। दोनों जजेस ने ऑडिशन से लेकर फाइनल तक हर डिश को पैनी नज़र से परखा और यह भी देखा कि उसमें बुंदेलखंड की झलक कितनी सशक्त रही है।

कार्यक्रम की सफलता पर बुंदेलखंड 24×7 के फाउंडर डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा , “बुंदेली शेफ का सपना सिर्फ एक शो बनाना नहीं था, बल्कि बुंदेलखंड की महिलाओं को ऐसा मंच देना था, जहाँ उनका हुनर सम्मान पाए। सीज़न 3 ने यह साबित कर दिया है कि बुंदेलखंड की रसोई में वो ताकत है, जो पूरे देश को अपनी ओर खींच सकती है। इसे सफल बनाने में पूरी टीम ने खूब मेहनत की, सभी बधाई के पात्र हैं। विजेताओं को शुभकामनाएँ।”

शो की सफलता पर अपनी खुशी व्यक्त करते हुए बुंदेलखंड 24×7 के चैनल हेड आसिफ पटेल ने कहा कि ‘बुंदेली शेफ’ आज सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की पहचान बन चुका है। हर सीज़न के साथ इसकी लोकप्रियता बढ़ रही है और यह मंच क्षेत्र की नारी शक्ति, परंपरा और हुनर को देशभर में सम्मान दिला रहा है। बुंदेली शेफ की होस्ट शिवांगी तिवारी ने कहा कि यह शो अब लोगों की भावनाओं से जुड़ चुका है। जब प्रतिभागी अपनी थाली में माँ के हाथों का स्वाद और मिट्टी की खुशबू लेकर आते हैं, तो पूरा बुंदेलखंड मुस्कुराता है।

विजेता बनने के बाद शाजिदा अमीर ने भावुक होते हुए कहा, “यह जीत सिर्फ मेरी नहीं है, यह मेरी रसोई, मेरी परंपरा और हर उस बुंदेली महिला की है, जो अपने हुनर को दुनिया तक पहुँचाना चाहती है। बुंदेली शेफ ने हमें अपनी पहचान पर गर्व करना सिखाया है। इस लोकप्रिय शो की विजेता बनना मेरे लिए अनूठी प्रेरणा है, जिसके बाद मैंने सिंगापुर मैं भारतीय रेस्तरां शुरू करके भारत और बुंदेलखंड का मान बढ़ाने का संकल्प लिया है।”

जज पैनल की सदस्य शमिता सिंह ने कहा, “हर प्रतिभागी के व्यंजनों में स्वाद के साथ-साथ उनकी कहानी भी झलक रही थी। निर्णय लेना आसान नहीं था, क्योंकि हर प्लेट में बुंदेलखंड का स्वाद और यहाँ की परंपरा बसी हुई थी।”

वहीं दूसरी जज ज़हीदा परवीन ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा , “बुंदेली शेफ अब सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं रहा, यह एक आंदोलन बन चुका है, जो हमारी रसोई और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुँचा रहा है। विजेताओं को ढेरों शुभकामनाएँ।” आयोजकों ने सभी के प्रयास, समर्पण और बुंदेली पाक कला के प्रति प्रेम की सराहना करते हुए पुरस्कार, स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए और प्रत्येक प्रतिभागी को बुंदेलखंड की सांस्कृतिक धरोहर का सच्चा प्रतिनिधि बताया। प्रतिभागियों ने माना कि इस प्रतियोगिता में पहुँचना ही अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।

इस बार की प्रतियोगिता सिर्फ जीतने का सफर नहीं थी, बल्कि यह पिछले दो सीज़न्स की यादों, संघर्षों और ऊँचाइयों की कहानी भी थी। सीज़न 1 ने दिखाया कि बुंदेली स्वाद सबसे सहज और सरल होते हुए भी कितना गहरा है। सीज़न 2 ने साबित किया कि नए प्रयोग और आधुनिकता जब परंपरा के साथ मिलती है, तो कैसे स्वर्णिम इतिहास बनते हैं। और अब सीज़न 3 ने यह भरोसा और मजबूत कर दिया कि यह मंच आने वाले वर्षों में बुंदेलखंड को देश की पाक कला की नई राजधानी बना देगा। जो चिंगारी पहले दो सीज़न्स ने जगाई थी, उसका तेज़ प्रकाश इस बार सम्पूर्ण बुंदेलखंड ने महसूस किया। कार्यक्रम की सफलता में रुद्राणी कलाग्राम का विशेष सहयोग रहा। पीआर 24×7 बतौर पीआर पार्टनर, अफ्फी स्पोर्ट्स ट्रॉफी पार्टनर, तारुका इको, डिवाइन डेकोर एंड गिफ्ट गैलेरी और बुंदेलखंड्स फेमस गिफ्टिंग पार्टनर रहे। कार्यक्रम का वैन्यू पार्टनर द रुद्राक्ष होटल और ‘2030 का भारत’ सोशल पार्टनर रहा।

ग्रैंड फिनाले का समापन इस ऐलान के साथ हुआ कि आने वाला सीज़न बुंदेली पाक कला के लिए और भी सुनहरा होने वाला है। आज जिन हाथों ने स्वाद रचा, वही बुंदेलखंड की पहचान बनेंगे और इस धरती की कहानी को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएँगे। यह कहना बिल्कुल भी गलत नहीं होगा कि ‘बुंदेली शेफ सीज़न 3’ ने साबित कर दिया है कि यह मंच सिर्फ जीतने का नहीं, बल्कि अपनेपन, परंपरा और स्वाद की उस यात्रा का मंच है, जिसे हर बुंदेली दिल महसूस करता है और गर्व से कहता है बुंदेलखंड की नारी शक्ति को नमन.. बुंदेलखंड की धरा को नमन..

Ranu Bairagi

Book Showcase

Best Selling Books

Shri Durgasaptashati Sachitra

By Gorakhpur Gita Press

₹100

Book 2 Cover

Stop Letting Everything Affect You

By Daniel Chidiac

₹190

Truth without apology

By Acharya Prashant

₹240

30 Days to Better English

By Norman Lewis

₹199

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »