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एक विचार की कहानी, जिसे कई बार मिटाने की कोशिश की गई: आरएसएस के 100 वर्ष पर ‘शतक’ को मिला अजय देवगन का समर्थन

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर बनी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘शतक: संघ के 100 वर्ष’ का टीज़र हाल ही में जारी किया गया है। संघ के शताब्दी वर्ष के साथ प्रस्तुत यह फिल्म उसके वैचारिक सफर, सामाजिक योगदान और राष्ट्र जीवन में भूमिका को रेखांकित करती है।

टीज़र के सामने आते ही देशभर में इस पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। योग गुरु बाबा रामदेव के समर्थन के बाद अब अभिनेता अजय देवगन ने भी फिल्म को सार्वजनिक रूप से समर्थन दिया है, जिससे इसे लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है। अतीत में कई बार संघ को पर्दे पर दिखाने के प्रयास हुए हैं, लेकिन ‘शतक’ पहली ऐसी सिनेमाई प्रस्तुति मानी जा रही है, जिसे संगठन के परिवेश से खुला समर्थन प्राप्त हो रहा है।

आरएसएस के 100 वर्ष पूरे होने पर अभिनेता अजय देवगन ने अपने ट्वीट में लिखा, “आरएसएस के सौ साल पूरे होने पर ढेर सारी बधाइयाँ। इन सौ वर्षों में राष्ट्र निर्माण में संघ का बड़ा योगदान रहा है। इस यात्रा पर और रोशनी डालने आ रही है फिल्म #शतक। यह रही उसकी पहली झलक। शतक की पूरी टीम को मेरी ओर से शुभकामनाएँ।”

इससे पहले फिल्म का गीत ‘भगवा है अपनी पहचान’ का विमोचन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुख्यालय केशव कुंज, दिल्ली में संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी द्वारा, श्री भैयाजी जोशी जी की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

टीज़र की शुरुआत पंक्ति “यह एक ऐसे विचार की कहानी है, जिसे वर्षों से बार-बार मिटाने की कोशिश की गई” से होती है। इससे यह साफ होता है कि फिल्म का उद्देश्य संघ से जुड़ी पुरानी गलतफहमियों, आलोचनाओं और भ्रमों को ऐतिहासिक और तथ्यात्मक संदर्भ में स्पष्ट करना है। टीज़र में उन संस्थापक और मार्गदर्शक व्यक्तित्वों को सामने लाया गया है, जिनका योगदान बहुत महत्वपूर्ण रहा, जिनके योगदान को पर्याप्त पहचान नहीं मिली। इनमें डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार और गुरुजी माधव सदाशिवराव गोलवलकर शामिल हैं। इसके साथ ही लोकमान्य तिलक और महात्मा गांधी जैसे प्रमुख नेताओं का भी चित्रण किया गया है। टीज़र में भारतीय इतिहास के निर्णायक दौर स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर  आपातकाल तक में संघ की भूमिका की भी झलक दिखाई गई है।

फिल्म के निर्देशक आशीष मॉल और निर्माता वीर कपूर हैं। निर्माताओं का कहना है कि 1875 से 1950 के बीच अस्तित्व में आए आंदोलनों में संघ एकमात्र ऐसा संगठन है, जिसने बिना किसी व्यवधान के अपनी यात्रा जारी रखी। फिल्म की टैगलाइन ‘न रुके, न थके, न झुके’ इसी निरंतरता और संकल्प का प्रतीक है।

‘शतक: संघ के 100 वर्ष’ को निस्वार्थ स्वयंसेवकों की पीढ़ियों को समर्पित एक श्रद्धांजलि के रूप में प्रस्तुत किया गया है। यह फिल्म राष्ट्र निर्माण और सामूहिक सेवा की भावना को पुनः जागृत करने का प्रयास करती है। यह फिल्म 19 फरवरी 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

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