होजाई, असम। केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा निखिल खडसे ने पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (एमडीओएनईआर) की पहल के अंतर्गत असम के होजाई जिले में एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक का उद्देश्य जिले में संचालित केंद्रीय क्षेत्र योजनाओं और केंद्र प्रायोजित योजनाओं की प्रगति का व्यापक आकलन करना तथा विभिन्न विकासात्मक कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा करना था।

बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, अवसंरचना, वित्तीय समावेशन, कौशल विकास तथा बुनियादी सेवा वितरण जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। केंद्रीय राज्य मंत्री ने प्रत्येक क्षेत्र के प्रदर्शन की विस्तार से समीक्षा की और योजनाओं के लक्ष्यों, उपलब्धियों तथा चुनौतियों पर अधिकारियों से तथ्यात्मक जानकारी प्राप्त की। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर बल दिया कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पहुंचे।
समीक्षा बैठक के दौरान श्रीमती खडसे ने जिला प्रशासन, विभागीय अधिकारियों और संबंधित हितधारकों के साथ संवाद स्थापित किया। उन्होंने जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों, संसाधनों की उपलब्धता, मानव संसाधन की स्थिति तथा तकनीकी बाधाओं के बारे में विस्तृत चर्चा की। अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत सुझावों और अनुभवों को ध्यानपूर्वक सुनते हुए उन्होंने सेवा वितरण में सुधार और योजनाओं की गति बढ़ाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी परियोजना में आ रही बाधाओं के समाधान हेतु हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं की प्रभावशीलता केवल बजटीय प्रावधानों पर निर्भर नहीं करती, बल्कि उनके कुशल क्रियान्वयन, पारदर्शिता और समयबद्ध निगरानी पर भी आधारित होती है।
बैठक में असम तथा व्यापक उत्तर पूर्वी क्षेत्र के लिए केंद्रीय बजट में किए गए प्रमुख प्रावधानों का भी उल्लेख किया गया। श्रीमती खडसे ने बताया कि अवसंरचना सुदृढ़ीकरण, आजीविका संवर्धन, सामाजिक सेवाओं के विस्तार और संपर्क सुविधाओं के विकास के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रावधानों का उद्देश्य क्षेत्रीय असंतुलन को कम करना, स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देना और युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों का सृजन करना है।
जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रदर्शित सक्रियता और लक्ष्यों की प्राप्ति के प्रति प्रतिबद्धता की केंद्रीय राज्य मंत्री ने सराहना की। उन्होंने परियोजनाओं को समय पर पूर्ण करने, संसाधनों के समुचित उपयोग तथा लाभार्थियों की पहचान में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि योजनाओं के प्रभाव का नियमित मूल्यांकन किया जाए ताकि आवश्यक सुधारात्मक कदम समय रहते उठाए जा सकें।
बैठक में कार्यान्वयन तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने तथा योजनाओं के अभिसरण को प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया। यह माना गया कि समेकित दृष्टिकोण अपनाकर ही जिले में समग्र और समावेशी विकास को गति दी जा सकती है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए नवाचार आधारित उपायों और डिजिटल साधनों के उपयोग पर भी चर्चा की गई।
इस अवसर पर होजाई के जिला आयुक्त श्री बिद्युत बिलाश भगवती सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और आगामी कार्ययोजना की रूपरेखा साझा की।