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खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: आदिवासी प्रतिभाओं को मिलेगा राष्ट्रीय मंच, 25 मार्च से 6 अप्रैल तक छत्तीसगढ़ में आयोजन

देश में खेलों के दायरे को व्यापक बनाने और आदिवासी क्षेत्रों की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स (KITG) 2026 का आयोजन 25 मार्च से 6 अप्रैल के बीच छत्तीसगढ़ के तीन शहरों रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा में किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण आयोजन की घोषणा केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने गुरुवार को की।

इस प्रतियोगिता में सात पदक स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, तीरंदाजी, तैराकी और कुश्ती शामिल हैं। इसके अतिरिक्त मल्लखंभ और कबड्डी को डेमो गेम के रूप में शामिल किया गया है। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में देश के अधिकांश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से खिलाड़ी भाग लेंगे।

केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स सरकार के उस व्यापक प्रयास का हिस्सा हैं, जिसके माध्यम से देश के हर युवा को खेलों में आगे बढ़ने का अवसर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन से भी जुड़ी हुई है, जिसमें खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों से उभरने वाली प्रतिभाओं को पहचान देना और उन्हें सही अवसर उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आदिवासी समुदायों के प्रतिभाशाली युवाओं की प्रारंभिक स्तर पर पहचान हो, उन्हें व्यवस्थित प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तथा उन्हें राष्ट्रीय खेल ढांचे में प्रभावी रूप से शामिल किया जाए।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का आयोजन युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI), भारतीय ओलंपिक संघ, विभिन्न राष्ट्रीय खेल महासंघों तथा छत्तीसगढ़ राज्य आयोजन समिति के संयुक्त सहयोग से किया जाएगा। प्रतियोगिताओं के तकनीकी मानक अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं के अनुरूप निर्धारित किए गए हैं।

इस आयोजन का लोगो, थीम सॉन्ग और आधिकारिक मैस्कॉट 23 दिसंबर को बिलासपुर के स्वर्गीय बी. आर. यादव स्पोर्ट्स स्टेडियम में औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया था। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव भी उपस्थित थे।

आधिकारिक मैस्कॉट ‘मोरवीर’ छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित है। यह दो शब्दों से मिलकर बना है। ‘मोर’, जिसका छत्तीसगढ़ी में अर्थ मेरा या हमारा होता है, और ‘वीर’, जो साहस और पराक्रम का प्रतीक है। मोरवीर आदिवासी समुदायों की पहचान, गर्व और उनके संघर्षशील स्वभाव का प्रतिनिधित्व करता है।

आदिवासी खिलाड़ियों को समर्पित इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन की मेजबानी करने वाला छत्तीसगढ़ पहला राज्य बन गया है। यह आयोजन देश में आदिवासी सशक्तिकरण और खेलों में जमीनी स्तर पर भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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