चंडीगढ़: हलीमियाँ, हमदर्दियां और मोहब्बतों का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के लिए बुलंदपुरी साहिब की संगत की ओर से चंडीगढ़ स्थित सुखना लेक में पैदल यात्रा निकाली गई।
बुलंदपुरी साहिब के प्रतिनिधियों ने जानकारी देते हुए बताया कि श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर नवंबर 2024 में बुलंदपुरी साहिब से शुरू हुई “हलीमियाँ, हमदर्दियां और मोहब्बतों की लहर” अब एक बड़े वैश्विक अभियान का रूप ले चुकी है। मानवता को प्रेम, विनम्रता, करुणा, शांति और आपसी भाईचारे का संदेश देने वाले इस अभियान से लाखों लोग जुड़ चुके हैं और यह लहर दुनिया के 100 से अधिक देशों तक पहुंच बना चुकी है।
इस अभियान के तहत कनाडा, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, इटली, भारत सहित विभिन्न देशों में अब तक 7 विश्व स्तरीय सम्मेलन आयोजित किए जा चुके हैं। इसके अलावा, हर महीने दुनिया के अलग-अलग शहरों में “हलीमियाँ, हमदर्दियां और मोहब्बतों” के संदेश को घर-घर तक पहुंचाने के लिए पैदल यात्राएं निकाली जा रही हैं।
इसी कड़ी के तहत इस सप्ताह दुनिया के लगभग 70 बड़े शहरों में पैदल यात्राएं आयोजित की गईं। चंडीगढ़ में भी सुखना लेक पर पैदल यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों संगतों ने भाग लेकर दुनिया को प्रेम, भाईचारे, सुख-शांति और सद्भाव का संदेश दिया।

इस अवसर पर संगतों ने हाथों में गुलाब के फूल, बैनर और संदेश लेकर पैदल चलते हुए लोगों को हमदर्दी, विनम्रता और प्रेम के साथ जीवन जीने का संदेश दिया। मार्च में बुलंदपुरी साहिब के प्रतिनिधियों के अलावा विभिन्न क्षेत्रों से पहुंची संगतों और कई सामाजिक हस्तियों ने भी भाग लिया।
बुलंदपुरी साहिब से जुड़े प्रतिनिधियों ने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी का संदेश “ਮਿਠਤੁ ਨੀਵੀ ਨਾਨਕਾ ਗੁਣ ਚੰਗਿਆਈਆ ਤਤੁ ॥” किसी एक वर्ग या समाज तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी मानवता के लिए है। इसी संदेश को आज के समय में व्यवहारिक रूप देने के उद्देश्य से “हलीमियाँ, हमदर्दियां और मोहब्बतों की लहर” आगे बढ़ रही है।
इस अभियान का एक विशेष पहलू हर सप्ताह आयोजित किया जाने वाला आंतरिक ध्यान (Meditation) अभ्यास भी है। इसके माध्यम से लोगों को अपने भीतर से जुड़ने, मन को शांत करने और अपने जीवन में प्रेम, विनम्रता और हमदर्दी को व्यवहार का हिस्सा बनाने का अभ्यास कराया जाता है। इस सोच का उद्देश्य है कि व्यक्ति पहले अपने भीतर खुशी, शांति और सुख पैदा करे और फिर उसका सकारात्मक प्रभाव अपने परिवार, कार्यस्थल, समाज और आसपास के लोगों तक पहुंचाए।