विद्यालयों को आनंदघर बनाने हेतु करेंगी संवाद
लखनऊ। ‘विद्यालय बनें आनंदघर’ की संकल्पना को साकार करने वाले बेसिक शिक्षकों के स्वप्रेरित रचनात्मक मैत्री समूह शैक्षिक संवाद मंच द्वारा आगामी 25 व 26 अक्टूबर, 2026 को लखनऊ स्थित होटल अम्बर में दो दिवसीय राष्ट्रीय शैक्षिक संगोष्ठी एवं शिक्षक सम्मान समारोह 2026 का भव्य आयोजन किया जा रहा है। समारोह में उत्तर प्रदेश के 21 जिलों से 39 तथा हरियाणा से एक शिक्षक सहभागिता कर आनंदमय शिक्षा के अपने अनुभवों को साझा करेंगे। सहभागियों को राष्ट्रीय शिक्षा प्रहरी सम्मान-2026 भेंट किया जाएगा। इस संगोष्ठी में देश के प्रमुख शिक्षा संस्थानों से विषय विशेषज्ञ सहभागियों से विद्यालयों को आनंदघर बनाने के तौर-तरीकों पर बातचीत करेंगे। प्राथमिक विद्यालय अस्ती, फतेहपुर की राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका आसिया फारूकी को शैक्षिक संवाद मंच द्वारा लखनऊ कार्यशाला में विद्यालय प्रबंधन एवं नेतृत्व विषय पर अनुभव साझा करने के लिए बतौर विशिष्ट अतिथि आमंत्रित किया गया है।

जानकारी देते हुए शैक्षिक संवाद मंच के संस्थापक प्रमोद दीक्षित मलय ने बताया कि इस द्विदिवसीय संगोष्ठी सह कार्यशाला के 15 सत्रों में विभिन्न शैक्षिक मुद्दों पर विषय विशेषज्ञों एवं साहित्यकारों द्वारा सहभागियों से संवाद किया जाएगा। इस राष्ट्रीय आयोजन में शिक्षा, साहित्य, विज्ञान और कला जगत की मूर्धन्य हस्तियां बतौर अतिथि सहभागिता कर शिक्षकों का मार्गदर्शन एवं उत्साहवर्धन करेंगी, जिनमें शिव मोहन यादव (एनसीईआरटी, नई दिल्ली), कमलेश जोशी (शिक्षाविद एवं लेखक, लखनऊ), ज़ाकिर अली रजनीश (विज्ञान कथाकार, लखनऊ), बाल विज्ञान खोजशाला कौशाम्बी से सुरेन्द्र कुमार एवं प्रयागराज से राजेन्द्र कुमार, लखनऊ की प्रख्यात रंगकर्मी सुश्री रंजीता सचदेव तथा राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका आसिया फारूकी, फतेहपुर हैं। फतेहपुर की राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका अपने जर्जर एकल शिक्षक विद्यालय को आकर्षक , प्रेरक एवं सीखने-सिखाने का एक महत्वपूर्ण स्थान बना दिया है।ऐसी चुनौती अन्य शिक्षकों के सामने भी हैं। अपनी इस साहसिक उपलब्धियों भरी शैक्षिक यात्रा को एक सत्र में सहभागियों के साथ साझा करने हेतु आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा वह शिक्षक सम्मान सत्र में विशिष्ट अतिथि के रूप में भी शिक्षकों को सम्मानित करेंगी।इस संगोष्ठी में विद्यालयों को आनंदघर बनाने के संदर्भ में लेखन कार्यशाला, भाषा व गणित शिक्षण सत्र, नवाचारी अनुभव कथन, विशेषज्ञ परिचर्चा, विज्ञान प्रयोग प्रदर्शन, दीवार पत्रिका निर्माण, काव्य संध्या, पुस्तक संवाद, विद्यालय प्रबंधन एवं नेतृत्व तथा पुस्तक विमोचन जैसे रचनात्मक सत्र सम्पन्न होंगे।