शैक्षिक संवाद मंच द्वारा पुस्तक पठन को बढ़ावा
बांदा। विद्यालयों को आनंदघर बनाने के लिए शैक्षिक संवाद मंच स्थापना काल 2012 से ही से काम कर रहा है। शिक्षकों में पढ़ने-लिखने की रुचि जाग्रत कर पठन संस्कृति का विकास आवश्यक है। इस दृष्टि से लखनऊ में 25 व 26 अक्टूबर को आयोजित शैक्षिक संवाद मंच की वार्षिक संगोष्ठी सह कार्यशाला में 11 पुस्तकों का विमोचन किया जाना है, जो पढ़ने-लिखने के प्रति मंच की गंभीर पहल का परिचायक है।

उक्त जानकारी साझा करते हुए शैक्षिक संवाद मंच के संयोजक दुर्गेश्वर राय ने बताया कि लखनऊ संगोष्ठी में मंचस्थ अतिथियों शिक्षाविद् एवं साहित्यकारों कमलेश जोशी (शिक्षाविद लखनऊ), डॉ. जाकिर अली रजनीश (विज्ञान कथाकार लखनऊ ), शिव मोहन यादव (एनसीईआरटी नई दिल्ली), रंजीता सचदेवा (रंगकर्मी लखनऊ) तथा प्रमोद दीक्षित मलय (शिक्षक एवं साहित्यकार बांदा) द्वारा विमोचन किया जाएगा। इनमें छह एकल संग्रह हैं और पांच साझा संग्रह हैं। मौन शिलाएं टूट रहीं (सीमा मिश्रा, फतेहपुर), बाल पंचामृत-2, चित्रकूट के घाट पर, चार पत्र (दुर्गेश्वर राय, गोरखपुर), अजेय योद्धा (प्रमोद दीक्षित मलय, बांदा), करुण स्वर (स्व. हरिनाथ दूबे ‘करुण’) एकल संग्रह हैं। मेरा बचपन मेरी बातें (संपा- दुर्गेश्वर राय, सह संपा- डॉ. श्रवण कुमार गुप्त, भारती, नीलम रानी सक्सैना, सुनीता वर्मा एवं अशोक कुमार आर्य), काव्याम्बर-2 (संपा- दुर्गेश्वर राय, सह संपा- अशोक कुमार आर्य, नीलम रानी सक्सैना एवं डॉ. श्रवण कुमार गुप्त), मुक्तगान (संपा-दुर्गेश्वर राय) भाव कलश (संपा- सीमा मिश्रा एवं विजय शंकर यादव) तथा सुरभित हिंदी (संपा- सुनीता वर्मा, अमिता सचान, नीलम रानी सक्सैना एवं समरेंद्र बहादुर) साझा संग्रह हैं। इनमें कविता विधा पर छह संग्रह तथा जीवनी, रिपोर्ताज, बाल साहित्य, पत्र साहित्य एवं संस्मरण विधा पर एक-एक संग्रह शामिल है।