भारतीय नौसेना द्वारा केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप में 12 से 16 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा संयुक्त सेवा बहु-विशेषज्ञता चिकित्सा शिविर, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, सामुदायिक कल्याण और सतत नागरिक-सैन्य सहयोग के प्रति नौसेना की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को सुदृढ़ रूप से रेखांकित करता है। यह पांच दिवसीय शिविर लक्षद्वीप के दूरदराज़ द्वीपों में रहने वाले नागरिकों को विशेषज्ञ और अति-विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

इस चिकित्सा शिविर का औपचारिक उद्घाटन भारतीय नौसेना के प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी द्वारा किया जाएगा। शिविर का मुख्य उद्देश्य लक्षद्वीप के निवासियों को एक ही मंच पर व्यापक चिकित्सा परामर्श, उपचार सेवाएं और मोतियाबिंद सर्जरी सहित चुनिंदा शल्य चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करना है, जिससे द्वीपवासियों को मुख्यभूमि की ओर लंबी और खर्चीली यात्रा से राहत मिल सके।
नौसेना दिवस से जुड़ी निरंतर स्वास्थ्य पहल
यह पहल भारतीय नौसेना के उन निरंतर प्रयासों का हिस्सा है, जिनके अंतर्गत नौसेना दिवस के अवसर पर लक्षद्वीप द्वीप समूह में नियमित रूप से चिकित्सा शिविर आयोजित किए जाते रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में इन शिविरों के माध्यम से प्राथमिक चिकित्सा सेवाएं, दंत चिकित्सा और सीमित शल्य चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं। स्वास्थ्य अवसंरचना में क्रमिक सुधार, लक्षद्वीप प्रशासन के सहयोग और स्थानीय समुदाय की सकारात्मक भागीदारी को देखते हुए इस वर्ष इसे एक व्यापक बहु-विशेषज्ञता चिकित्सा शिविर का स्वरूप दिया गया है।
मौजूदा स्वास्थ्य व्यवस्था का सशक्त पूरक
लक्षद्वीप में पहले से ही एक सुव्यवस्थित सरकारी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली कार्यरत है, जिसमें जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य इकाइयां शामिल हैं। यह बहु-विशेषज्ञता चिकित्सा शिविर इन सेवाओं के पूरक के रूप में तैयार किया गया है, ताकि समन्वित और रोगी-केंद्रित दृष्टिकोण से विशेषज्ञ और अति-विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। शिविर में सामान्य और दीर्घकालिक बीमारियों के शीघ्र निदान, समय पर उपचार और उचित नैदानिक प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
पांच प्रमुख द्वीपों में आयोजन
यह चिकित्सा शिविर लक्षद्वीप के अगाटी, कवरत्ती, एंड्रोथ, अमिनी और मिनिकॉय द्वीपों में आयोजित किया जाएगा। शिविर का संचालन भारतीय सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना के अनुभवी चिकित्सा अधिकारियों और विशेषज्ञों से युक्त एक संयुक्त सेवा चिकित्सा दल द्वारा किया जाएगा। तीनों सेनाओं की संयुक्त भागीदारी से नैदानिक विशेषज्ञता का व्यापक दायरा सुनिश्चित होगा, जिससे शिविर की अवधि में नागरिकों को समग्र और एकीकृत स्वास्थ्य सेवा मिल सकेगी।
विशेषज्ञ और अति-विशेषज्ञ सेवाएं
इस शिविर के अंतर्गत दंत शल्य चिकित्सा सहित कई बुनियादी विशिष्टताओं में चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त कार्डियोलॉजी, एंडोक्रिनोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी जैसी अति-विशेषज्ञ सेवाएं भी प्रदान की जाएंगी। बाह्य रोगी परामर्श के साथ-साथ, चयनित मामलों में मोतियाबिंद की सर्जरी और सामान्य शल्य चिकित्सा भी की जाएगी, जो स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के समन्वय से संपन्न होंगी।
इन शल्य प्रक्रियाओं से उन रोगियों के जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है, जिन्हें लंबे समय से ऑपरेशन की आवश्यकता थी। द्वीपों में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा रोगियों की प्रारंभिक जांच पहले ही प्रारंभ कर दी गई है, ताकि शिविर के दौरान उपचार प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित की जा सके।
अनुवर्ती देखभाल और स्वास्थ्य जागरूकता
चिकित्सा दल शिविर की समाप्ति के बाद भी उपचार की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए अनुवर्ती देखभाल संबंधी मार्गदर्शन प्रदान करेगा। उपचारात्मक और शल्य चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ, निवारक स्वास्थ्य देखभाल और स्वास्थ्य जागरूकता पर भी विशेष बल दिया जाएगा। चिकित्सा अधिकारी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण तथा सामान्य स्वास्थ्य विषयों पर समुदाय के सदस्यों के साथ संवाद करेंगे।
वरिष्ठ नेतृत्व की उपस्थिति
उद्घाटन समारोह में भारतीय नौसेना और सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे, जिनमें दक्षिणी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल समीर सक्सेना, सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा की महानिदेशक सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन तथा नौसेना चिकित्सा सेवा की महानिदेशक सर्जन वाइस एडमिरल कविता सहाय शामिल हैं। इसके अलावा लक्षद्वीप प्रशासन और सशस्त्र बलों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में भाग लेंगे।
राष्ट्र सेवा की परंपरा का विस्तार
मानवीय सहायता, आपदा राहत और सामुदायिक सहयोग के क्षेत्र में भारतीय नौसेना की भूमिका सदैव सराहनीय रही है। लक्षद्वीप में आयोजित यह बहु-विशेषज्ञता चिकित्सा शिविर उसी परंपरा को आगे बढ़ाता है। 12 से 16 जनवरी 2026 तक चलने वाले इस कार्यक्रम से बड़ी संख्या में द्वीपवासियों के लाभान्वित होने की उम्मीद है और इससे भारतीय नौसेना तथा लक्षद्वीप के लोगों के बीच विश्वास, सहयोग और सद्भावना के संबंध और अधिक सुदृढ़ होंगे।