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दीपावली भौतिक ही नहीं, आत्मिक उजाले का महापर्व

दीपावली केवल दीपों का ही पर्व नहीं है बल्कि यह आत्मा के भीतर बसे अंधकार को…

दिवाली: सुख, समृद्धि, स्वच्छता, पवित्रता और रोशनी का प्रतीक पर्व

भारत त्योहारों का देश है, और इन पर्वों में दीपावली का स्थान सबसे ऊँचा और विशिष्ट…

करवाचौथ : अपने जीवनसाथी के लिए निर्जल उपवास करती हैं

वर्ष 2025 में 10 अक्टूबर, वैसे तो कैलेण्डर का एक साधारण सा ही दिन प्रतीत होता…

मसंद पद्धति का शुभारंभ करने वाले गुरु रामदास

गुरु राम दास जी की जयंती सभी सिखों के लिए महत्वपूर्ण दिनों में से एक है,…

आदर्श शासन-व्यवस्था और समाजवाद के प्रणेता थे अग्रसेन

महाराजा अग्रसेन भारतीय संस्कृति और इतिहास के उन दिव्य शासकों में गिने जाते हैं जिनकी शासन-कीर्ति…

सर्वजन सर्वधर्म समभाव के प्रणेता भगवान अग्रसेन

पतंगों की तरह इस विश्व रंगमंच पर प्राणी आते हैं और चले जाते हैं। जातियां उत्पन्न…

29वें विश्व आध्यात्मिक सम्मेलन का भव्य उद्घाटन

सावन कृपाल रूहानी मिशन के प्रमुख, संत राजिन्दर सिंह जी महाराज ने 13 सितंबर को कृपाल…

त्रिलोक युग के निर्माता भगवान विश्वकर्मा

भगवान विश्वकर्मा को देवशिल्पी यानी की देवताओं के वास्तुकार के रूप में पूजा जाता है। त्रिलोका…

भलस्वा डेरी क्षेत्र में गड्ढों और जलभराव से बढ़ी लोगों की परेशानी, मुख्यमंत्री से की गई शिकायत

भलस्वा डेरी क्षेत्र के स्वामी श्रद्धानंद कॉलोनी में सड़कों और नालियों की बदहाल स्थिति ने स्थानीय…

 सनातन संस्कार का अंतिम कर्म मृतात्माओं का श्राद्ध 

पितृपक्ष आश्विन कृष्ण प्रतिपदा से प्रारंभ होकर अमावस्या को संपन्न होता है। इसमें मृत पूर्वजों का…

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