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किसानों की आय दोगुनी करने के साथ आवश्यक पोषण सुरक्षा पूर्ति करने में बागवानी महत्वपूर्ण भूमिका नरेंद्र सिंह तोमर

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के तहत भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान, बेंगलुरू द्वारा उत्पादक किसानों व अन्य हितधारकों के लाभ के लिए विकसित नवीनतम तकनीकों को प्रदर्शित करने व उनकी आत्मनिर्भरता के लिए अभिनव बागवानी पर आयोजित चार दिनी राष्ट्रीय बागवानी मेले का शुभारंभ आज केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने वर्चुअली किया। इस मौके पर तोमर ने कहा कि यह सुस्थापित है कि किसानों की आय दोगुनी करने के साथ आवश्यक पोषण सुरक्षा पूर्ति करने में बागवानी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। बागवानी फसलों के उत्पादन व उपलब्धता में तेजी से हो रही वृद्धि देश की पोषण सुरक्षा के बीच की खाई को पाटने में मदद करेगी।

केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि बागवानी उत्पादन वर्ष 1950-51 के 25 मिलियन टन से 13 गुना बढ़कर 2020-21 के दौरान 331 मिलियन टन हो गया, जो खाद्यान्न उत्पादन से भी अधिक है। 18% क्षेत्रफल से यह क्षेत्र कृषि सकल घरेलू उत्पाद में सकल मूल्य का लगभग 33% योगदान देता है। इस क्षेत्र को आर्थिक विकास के चालक के रूप में माना जा रहा है और धीरे-धीरे एक संगठित उद्योग में बदल रहा है, जो बीज-व्यवसाय, मूल्यवर्धन व निर्यात से जुड़ा हुआ है। कृषि उत्पादों के चार लाख करोड़ रु. से ज्यादा के निर्यात में बागवानी का महत्वपूर्ण योगदान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार खेती-किसानी को प्राथमिकता देती है, इसलिए वर्ष 2023-24 के बजट में भी कृषि एवं किसान कल्याण के लिए अनेक प्रमुख प्रावधान किए गए। बजट का उद्देश्य गरीबों व मध्यम वर्ग, महिलाओं व युवाओं के अलावा किसानों का समावेशी और व्यापक विकास करना है। यह कृषि को प्रौद्योगिकी से जोड़कर कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण को बढ़ावा देने पर जोर देता है ताकि किसानों को दीर्घावधि में व्यापक लाभ मिल सके।

भारत सरकार के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष 2023 की घोषणा की है, जिसका अधिकाधिक प्रचार-प्रसार करने और मिलेट्स का उपभोग बढ़ाने का उन्होंने आह्वान किया। तोमर ने कहा कि एग्री स्टार्टअप भी इस दिशा में तेजी के साथ काम कर रहे हैं। किसानों का आह्वान किया कि वे आयात घटाने व निर्यात बढ़ाने में सहायक हों और चुनौतियों के समाधान में योगदान दें। उन्होंने विश्वास जताया कि यह बागवानी मेला टिकाऊ उत्पादन के लिए बागवानी फसलों पर नवीनतम तकनीकों के बारे में किसानों/हितधारकों के बीच जागरूकता पैदा करेगा और भारत को बागवानी क्षेत्र में वैश्विक खिलाड़ी बनाने के लिए प्रसंस्करण और निर्यात प्रोत्साहन की गुंजाइश बढ़ाएगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता आईसीएआर के उप महानिदेशक (बागवानी विज्ञान) डॉ. ए.के.  सिंह ने की। इस अवसर पर एपीडा के महाप्रबंधक आर. रवींद्र, आईसीएआर-निवेदी के निदेशक डॉ. बलदेवराज गुलाटी, आईआईएचआर के निदेशक डॉ. एस.के. सिंह, एसपीएच के उपाध्यक्ष डॉ. सी. अश्वथ, आयोजन सचिव डॉ. आर. वेंकटकुमार आदि उपस्थित थे। सुशांत कुमार पात्रा, पिंकू देबनाथ, जी. स्वामी, संग्रामकेसरी प्रधान, सुश्री विद्या, सिद्धार्थन व पोलेपल्ली सुधाकर को सर्वश्रेष्ठ किसान पुरस्कार प्रदान किया गया। अतिथियों ने स्मारिका व ‘सब्जियों की उत्पादन तकनीकें पुस्तिका’ का विमोचन किया।

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