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MoHUA ने महिलाओं के नेतृत्व वाले तीन सप्ताह तक चलने वाले स्वच्छता अभियान का किया शुभारंभ

मैं भारत की पिछले 75 वर्षों की यात्रा में योगदान की तुलना में आगामी 25 वर्षों में ‘नारी शक्ति’, मेरी माताओं, बहनों और बेटियों के कई गुना योगदान देख सकता हूं … जितना अधिक हम इस पहलू पर ध्यान देंगे, उतने ही अधिक अवसर और सुविधाएं हम अपनी बेटियों को दे सकते हैं, वे उससे कहीं ज्यादा हमें लौटाएंगी। वे देश को नई ऊंचाईयों पर ले जाएंगी।”

महिलाएं बदलाव लाने में योगदान दे सकती हैं। वे न केवल अपने घरों में बल्कि पूरे समाज में अनादि काल से स्वच्छता की ध्वजवाहक रही हैं। 8 मार्च को महिला दिवस के अवसर पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने महिलाओं के नेतृत्व वाले तीन सप्ताह तक चलने वाले स्वच्छता अभियान ‘स्वच्छोत्सव’ का शुभारंभ किया। इस उत्सव में स्वच्छ भारत मिशन शहरी 2.0 के तहत स्वच्छता में महिलाओं की भागीदारी से आगे बढ़कर महिलाओं के नेतृत्व वाली स्वच्छता को पहचाना और मनाया जा रहा है। कचरा मुक्त शहरों (जीएफसी) के मिशन को सफल बनाने में अपना नेतृत्व प्रदान करने वाली सभी क्षेत्रों की महिलाओं को समर्पित इस उत्सव को मनाने के लिए शहरों में कार्यक्रमों और गतिविधियों की एक श्रृंखला आयोजित की जाएगी।

साल 2014 में जब स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआती हुई, तब सफाई अभियानों में बड़े स्तर पर महिलाओं की भागीदारी देखी गई थी, जिनमें शौचालयों के इस्तेमाल के लिए जागरूकता उत्पन्न करना और स्वच्छता की ओर अपनी तरह से योगदान देना शामिल रहा। वे पिछले आठ वर्षों में स्वच्छता स्पष्ट रूप से जन आंदोलन के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में विकसित हो रही हैं, जैसे अन्य महत्वपूर्ण हितधारक, युवा और स्टार्टअप। मटीरियल रिकवरी फेसिलिटी  सिस्टम के संचालन से लेकर वेस्ट टु वेल्थ स्टार्टअप शुरू करने तक, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स के प्रबंधन से लेकर दूसरों के लिए रोजगार के अवसर उत्पन्न करने तक महिलाएं आगे बढ़ रही हैं।

स्वच्छोत्सव के लॉन्च के दौरान ही विमन आइकॉन्स लीडिंग सैनिटेशन एंड वेस्ट मैनेजमेंट (WINS) चैलेंज-2023 की घोषणा भी की गई। WINS चैलेंज-2023 शहरों में स्वच्छता हासिल करने की दिशा में काम करने वाली महिला उद्यमियों या महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों को मान्यता देगा। WINS अवॉर्ड्स-2023 के लिए नामांकन 8 मार्च से शुरू होंगे।

10 मार्च से स्वच्छता यात्रा की शुरुआत होगी, जो 30 मार्च को पूरी होगी, जिसे यूनाइटेड नेशन्स जनरल असेंबली द्वारा इंटरनैशनल डे ऑफ जीरो वेस्ट के रूप में घोषित किया गया है। 34 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि इस यात्रा के हिस्से के रूप में 24 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों का भ्रमण करेंगे। यह एकजुट होकर सीखने की एक तरह की अंतर-राज्यीय पहल है, जो एरिया लेवल फेडरेशन (ALF) या स्वयं सहायता समूहों (SHG) के सदस्यों को चयनित शहरों की ‘स्वच्छता दूत’ के रूप में यात्रा करने के लिए प्रोत्साहित करेगा।     

साथ ही, यात्रा के दौरान महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को स्वच्छता की प्रतिज्ञा के माध्यम से ‘कचरा मुक्त शहरों’ के विजन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को मजबूत करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। 30 मार्च को स्वच्छ मशाल मार्च ‘महिलाओं के नेतृत्व वाले स्वच्छोत्सव’ के लिए बेहतर माहौल बनाएगा, जिसमें भाग लेने वाले यूएलबी के प्रत्येक वार्ड के सार्वजनिक स्थानों, खुले भूखंडों, जल निकायों, रेलवे पटरियों, सार्वजनिक शौचालयों पर स्वच्छता अभियान का पालन किया जाएगा। महिलाओं के नेतृत्व वाले स्वच्छता अभियान का उद्देश्य महिलाओं और उनके नेतृत्व समेत एक स्थायी भविष्य की दिशा में उनके योगदान का जश्न मनाना है।

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