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खेल मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने पूरे राजस्थान में खेलो इंडिया के 33 केंद्रों का शुभारंभ किया

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केन्द्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने आज सुबह जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में राजस्थान राज्य में खेलो इंडिया के 33 केन्द्रों का शुभारंभ किया। केंद्रीय मंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि राजस्थान में खेलो इंडिया के 18 अन्य केंद्रों में एक समर्पित खेल विज्ञान केंद्र के साथ एक राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जाएगा। इस प्रकार राज्य में खेलो इंडिया केंद्रों की कुल संख्या 51 हो जाएगी।

यह भी घोषणा की गई कि खेलो इंडिया केंद्रों के बीच प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जबकि कोचिंग द कोच कार्यक्रम को खेलो इंडिया केंद्र तक भी बढ़ाया जाएगा। कोचों और खेलो इंडिया केंद्र के कोचों को हमारे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कोचों के साथ जोड़कर प्रशिक्षित किया जाएगा।

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इस अवसर पर राजस्थान के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री श्री अशोक चांदना के साथ-साथ राज्य के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण के अन्य प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

इस अवसर पर श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा, “हम चाहते हैं कि सभी राज्य खेलों के मामले में आगे बढ़ें। जब राज्य सरकारें खेलों के लिए एक सर्वसम्मत दृष्टिकोण के साथ केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करेंगी, तो भारत के लिए और अधिक पदक आएंगे।”

उन्होंने कहा, ‘खेलो इंडिया योजना और टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना की सफलता के कारण पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे अधिक पदक मिले हैं, चाहे वह ओलंपिक हो या पैरालंपिक या राष्ट्रमंडल खेल या थॉमस कप जीत जैसी ऐतिहासिक प्रतियोगिता। अंडर-20 कुश्ती में अंतिम पंघाल ने भी दो बार विश्व चैंपियन बनकर इतिहास रचा। प्रगनानंदा शतरंज में एफआईडीए विश्व कप के फाइनल में पहुंचे। यह भारतीय खेलों के लिए अभूतपूर्व दौर है। 60 वर्षों में, विश्व विश्वविद्यालय खेलों में केवल 18 पदक मिले थे, जबकि, केवल इस साल टूर्नामेंट में हमने 26 पदक जीते हैं।”

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खेलो इंडिया के महत्व के बारे में बताते हुए श्री ठाकुर ने कहा, “इस सफलता में खेलो इंडिया खेलों की बड़ी भूमिका है। हर साल, इतने सारे एथलीट युवा, विश्वविद्यालय और शीतकालीन खेलों में भाग लेते हैं और उनका प्रदर्शन उन्हें बड़ी प्रतियोगिताओं में ले जा रहा है। मुझे उम्मीद है कि इन खेलो इंडिया केंद्रों के माध्यम से राजस्थान के अधिक से अधिक एथलीटों को यहां से तैयार किया जाएगा। वर्तमान, अतीत और भविष्य के एथलीट भी इनके माध्यम से सुसज्जित हो रहे हैं।”

वर्तमान में, 17,000 से अधिक एथलीट खेलो इंडिया केंद्रों (केआईसी) में प्रशिक्षित हो रहे हैं और 699 पूर्व चैंपियन एथलीट पहले से ही देश भर में काम पर हैं। वर्तमान में पूरे भारत में अधिसूचित खेलो इंडिया केंद्रों की कुल संख्या 960 है, जिनमें से 715 केआईसी द्वारा संचालित हैं। राजस्थान में अधिसूचित केआईसी की कुल संख्या 33 है, जिनमें से 32 केआईसी कार्यरत हैं। ये केआईसी विशिष्ट प्रशिक्षण केंद्र हैं जो साइकिल चलाना, बास्केटबॉल, वुशु, हॉकी आदि जैसे खेल विषयों पर केंद्रित हैं।

ब्लॉक या जिला स्तर पर स्कूलों, संगठनों और अन्य पात्र एजेंसियों में उपलब्ध खेल संबंधी मौजूदा बुनियादी ढांचे के उपयोग को बढ़ाने के लिए, छोटे खेलो इंडिया केंद्र जमीनी स्तर पर खेल इको-सिस्टम को मजबूत करने में सहायता करते हैं। केआईसी में, युवाओं के लिए पूर्व चैंपियन एथलीट कोच और संरक्षक बन जाते हैं, स्वायत्त तरीके से खेल प्रशिक्षण केंद्र चलाते हैं और अपनी आजीविका अर्जित करते हैं। खेलो इंडिया योजना के तहत, इन पूर्व चैंपियनों के साथ-साथ इन केंद्रों को खेल प्रशिक्षण, कोचिंग और संचालन के लिए प्रारंभिक तथा वार्षिक वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाती है।

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