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आया बरसात का मौसम

चारों तरफ काले बादल, कडक़ड़ाती बिजली और ठंडी हवाएं चलती हैं। वैसे तो इस मौसम का अपना ही लुत्फ है, जेठ की दोपहरी की वह गर्म हवा वाली आंधी या फिर सर्दियों की वह शरीर कंपा देने वाली ठंड से हटकर बारिश का मौसम, जिस मौसम में मेढक़ भी बाहर निकलकर टर्राते हैं तो हम भी इस मौसम में सबारोब हो जाते हैं अपनी थकावट भूल जाते हैं। घर से बाहर आकर और बारिश का मजा लेने से जीवन में रोमांस बढ़ जाता है। बारिश में प्रकृति हमें देखने के लिए इतना कुछ देती है और हम हताशा, निराशा को भूलकर एक खूबसूरत दुनिया में खो जाते हैं. थोड़ा सा रोमांटिक हो जाते हैं। बरसात का मौसम आते ही हम मस्ती तो खूब करते हैं। खाने पीने के सारे प्रतिबंधों को भी तोड़ देते हैं. लेकिन यह भी सच है कि बरसात में सेहत के लिहाज से हमें अधिक सजग रहना चाहिए।

बरसात में काटन के कपड़ों को महत्व दें व ढ़ीले ढाले कपड़े पहनें ताकि गीलापन न रहे। बरसात में मच्छरों की पैदावार भी बढ़ जाती है तो मच्छरों से बचन के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनें और मास्कीटो रेपेलेंट क्रीम भी लगाएं। दिन में दो बार नहाएं व एयरकंडीशन कमरे में रहें। गीले बालों को न बांधें। बांधने से पहले उन्हें सुखा लें।

बरसात के आते ही आंखों की समस्याएं बहुत बढ़ जाती हैं और इनका कारण जीवाणु व कीटाणु ही होते हैं। जब भी आप का बारिश में भीगने का मन करे तो आंखों को बंद करते रहें। आंखों के संक्रमण तेजी से फैलते हैं। इसलिए किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में न आएं। उसके द्वारा इस्तेमाल किया हुआ चश्मा, लेंस, रुमाल, तौलिया न इस्तेमाल करें। आंखों में लालिमा रहे या पानी निकले या और कोई समस्या होता तुरंत डाक्टर को दिखाएं।

अच्छा हाईजीन रखें। खाने से पहले अच्छी तरह से हाथ धोएं। साफ सुथरा पानी पीएं। बाहर की चीजों को खाने की न सोचें।
अपने पैरों का भी खास ख्याल रखना चाहिए। अन्यथा पैरों में संक्रमण हो सकता है। वैसे भी औरतें जितना अपने चेहरे और शरीर की देखभाल करती हैं उतना ध्यान वे अपने पैरों व एडिय़ों पर नहीं देती हैं। अक्सर औरतों के पैरों की बिवाइयां फटी रहती हैं। वैसे भी बरसात के मौसम में पैरों को देखभाल की अधिक जरूरत होती है। अत: जब भी आप बाहर से आएं तो चप्पल पहनने से पहले पैरों को साबुन से अच्छी तरह से धोकर सुखा लें।

पैरों की मृत कोशिकाओं को नियमित तौर पर स्क्रब के माध्यम से हटाएं। पैरों को स्क्रब करके प्यूमिक स्टोन की मदद से साफ करें। फि पैर सुखाकर माइस्चराइजिंग क्रीम लगाएं। पैरों की उंगलियों के बीच एंटी फंगल पाउडर लगाएं ताकि फंगल संक्रमण आप के पैरों को अपना शिकार न बनाए। पैरों के नाखूनों को बढुने न दें। इससे कम गंदगी जमा होगी व आप स्वस्थ रहेंगी।बरसात के मौसम में जूते आदि न पहनें। ऐसे फुटवियर पहनें जो कि खुले हों और आप के पैरों में हवा लगती रहे। जुराबें पहनने से बचें।

जब भी फुर्सत मिले, अपनी पसंदीदा पुस्तक पढें। संगीत सुनें और फिल्में देखें। ऐसी चीजें ही करें, जो आपको खुशी दें। बारिश में गर्मा-गर्म पकौड़े या भाजी का लुल्फ उठाना भी आपके मूड को बदलने में मदद करेगा। बारिश में भीगने की इच्छा नहीं है, तो घर की खिडक़ी से बारिश का नजारा लें। साथ ही, दूध या नींबू की चाय या गरमा-गरम सूप पीना भी आपको खुश कर देगा।
बारिश के मौसम में बाहर धूमने जाएं। बारिश से जुड़ी चीजों की खरीददारी करें।

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