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‘स्वच्छ सुंदर बाज़ार- स्वचछ भारत की पुख्ता मिसाल’

स्वास्थ्य का सीधा संबंध खान-पान से होता है और खाने-पीने का सामान हम बाजार से लाते हैं। ऐसे में बाजारों की स्वच्छता बेहद अहम है और इसी बात का ध्यान रखते हुए स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के अंतर्गत देशभर के कई शहरों में ‘स्वच्छ बाजार’ के लिए विशेष अभियान नियमित अंतराल पर चलाए जा रहे हैं। साल 2014 में जब देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन का आह्वान किया, तो अभियान में पूरा देश जुड़ा। शहरों को स्वच्छ बनाने के लिए जो तमाम तरह के प्रयास हुए, स्वच्छ बाजार अभियान भी उन्हीं पहलुओं में से एक है। इस विशेष अभियान का विचार स्वच्छता और स्वास्थ्य की संयुक्त दृष्टि से पनपा क्योंकि दोनों का एक-दूसरे से परस्पर संबंध हैं।

बाजारों में स्वास्थ्य के लिए लाभदायक सामान मिले, यह सुनश्चित करने के साथ ही यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक है कि बाजार भी स्वच्छ रहें। इसी बात को ध्यान में रखते हुए जिन शहरों ने स्वच्छ बाजार अभियान चलाए, उन्हें हर ओर सराहना मिली और आमजन का समर्थन भी। देश के सबसे स्वच्छ शहर, इंदौर में हाल ही में ‘स्वच्छ बाजार–ज्यादा व्यापार’ नामक अभियान चलाया गया। मध्य प्रदेश के इस शहर में बाजारों की स्वच्छता पर विशेष जोर दिया गया, हालांकि यहां व्यापार का पहलू भी स्वच्छता के साथ जोड़ा गया, जिसके पीछे तर्क यह रहा कि जब बाजार स्वच्छ होंगे, तो बाजार में बिकने वाले सामान भी स्वच्छ रहेगा। इस अभियान के अंतर्गत ग्वालियर, छिंदवाड़ा, रामपुर नैकिन, खंडवा, खुरई, उज्जैन, रतलाम, धनपुरी, शहडोल, जावद समेत अन्य क्षेत्र में कई जगह बाजारों में हरे-नीले रंग के डस्टबिन लगवाए गए, ‘खुले में कचरा न फेंकने और दूसरों को भी ऐसा न करने देने’ के संदेश दिए गए।

हमेशा दो डस्टबिन का उपयोग करने और सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करने के प्रति जागरूक करते हुए स्वच्छता की शपथ दिलाई गई, साथ ही स्वच्छता ऐप डाउनलोड करने को कहा गया। इंदौर के बाजारों में एक मुहिम ‘मेरी दुकान, सबसे स्वच्छ दुकान’ अभियान भी चलाया गया, जिसके अंतर्गत साफ-सफाई सुनिश्चित करने के साथ ही बाजारों में हर दुकान के आगे डस्टबिन भी रखे दिखाई दिए और सभी लोगों से कपड़े के थैले लाने की गुजारिश करते दिखे।

रीवा में दुकानदारों को कपड़े के थैले भेंट किए गए और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स धनपुरी नंबर-3 को पिछले साल आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के अंतर्गत ‘सबसे स्वच्छ बाजार’ का पुरस्कार भी स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 की एक प्रतिस्पर्धा के दौरान दिया गया।

वहीं पनवेल महानगर पालिका ने रोज़ बाज़ार में मछली के अपशिष्ट और सब्जी के अपशिष्ट की समस्या के समाधान के लिए 120 लीटर क्षमता के 10 डस्टबिन बाजार में उपलब्ध करवाए। साथ ही विक्रेताओं  और उपभोक्ताओं से कचरा न फैलाने और उसे उपलब्ध हरे और नीले कूड़ेदान में डालने के लिए अपील की।

उत्तर प्रदेश के मेरठ में नगर निगम की ओर से #स्वच्छता_परमो_धर्म के हैशटैग के साथ स्वच्छ बाजार अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत यहां के खैर नगर मार्केट, सर्राफा और वैली बाजार में नियमित साफ-सफाई, धुलाई का काम किया गया। कुछ बाजारों में रात के दौरान धुलाई कराई। वहीं दिन में सब्जी मंडियों में विक्रेताओं और दुकानदारों को बाजार की सफाई में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

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