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जाणता राजा: छत्रपति शिवाजी का जीवन और व्यक्तित्व – गौरवशाली पथ- प्रदर्शक के रूप में जनमानस को आलोकित करेगा

छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित महानाट्य जाणता राजा के मंचन के संन्दर्भ में दो दिवसीय कार्यक्रम दिनांक- 10-11 अक्टूबर 2023 को, सेवा भारती समिति, काशी प्रांत द्वारा संत अतुलानन्द कान्वेंट स्कूल, कोइराजपुर हरहुआ, वाराणसी में ‘‘जाणता राजा: छत्रपति शिवाजी’’ कार्यक्रम के अन्तर्गत विभिन्न प्रतियोगिताएँ आयेाजित हुईं, जिसमें निबन्ध, चित्रकला, प्रश्नोत्तरी एवं काव्य पाठ प्रतियोगिताएँ सम्मिलित थीं। आजादी के अमृत काल में इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारत के अमर बलिदानियों एवं वीर सपूतो की शौर्य गाथा से विद्यार्थियों के भीतर राष्त्र चेतना एवं मातृभूमि के प्रति अटूट सेवा भाव जागृत करना है। इस परिप्रेक्ष्य में शिवाजी महाराज के चारित्रिक वैशिष्ट्य  से विद्यार्थी न केवल परिचित हुए अपितु उन्होनें अपनी संस्कृति एवं जीवन मूल्यों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। दिनांक- 10 अक्टूबर 2023 को हुई प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि डा. अनिल किंजवाडेकर जी (सचिव-जाणता राजा, आयोजन समिति) एवं विशिष्ट अतिथि एवं निर्णायक मण्डल के रूप  में आदरणीय राम सुधार सिंह, डा. अनिता सिंह, श्री रजत कुमार पाण्डेय, पुलक जी की उपस्थिति अपूर्व ऊर्जा का स्त्रोत रही। इस प्रतियोगिता में वाराणसी के विभिन्न प्रतिष्ठित विद्यालयों ने अलग-अलग वर्गो में उत्साह पूर्वक प्रतिभाग किया एवं विजेता घोषित हुये।

इसी क्रम में दिनांक-11 अक्टूबर 2023 को पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन विद्यालय के इंद्रधनुष सभागार में किया गया, जिसमें प्रख्यात कथा वाचक पूज्य शान्तनु जी महाराज के वरद हस्त के साथ-साथ श्री अनिल ओक जी (राष्ट्रीय सहव्यवस्था प्रमुख, आर.एस.एस) के आगमन ने परिसर को दिव्य आभा से आलोकित कर दिया।
परम पूज्य शान्तनु जी महाराज ने अपने उद्बोधन में जाणता राजा अर्थात दूरदर्शी राजा के जीवन एवं संस्कार को रोचक कथा के माध्यम से विद्यार्थियों के लिए सरल एवं सुगम्य एवं उनके आदर्शों को अपने जीवन में अंगीकार करने हेतु दृढ़ संकल्पित किया।

विशिष्ट अतिथि अनिल ओक जी ने अपने उद्बोधन में शिवाजी के शौर्य एवं जीवन गाथा पर लिखी अपनी ओजस्वी कविता के माध्यम से दर्शक दीर्घा में बैठे सभी गणमान्य जन एवं विद्यार्थियों को उनके जीवन चरित्र से अवगत कराते हुए सभी के भीतर राष्ट्रीय चेतना एवं मातृ भूमि के प्रति समर्पण की भावना से ऊर्जस्वित किया।

प्रधानाचार्या डा. नीलम सिंह जी ने पधारे सभी गणमान्य एवं विशिष्ट  जन का स्वागत करते हुए सभी के प्रति आभार एवं कृतज्ञता ज्ञापित की। संस्था सचिव राहुल सिंह जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि जाणता राजा का व्यक्तित्च और उनका शौर्य वर्णन एक गौरवशाली पथ-प्रदर्शक के रूप में विद्यार्थी जीवन को चिर-काल तक आलोकित करता रहेगा। कार्यक्रम का संचालन जीतेन्द्र पाण्डेय के कुशल नेतृत्व में इफरा सानिया एवं भाव्या सिंह द्वारा किया गया।

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