NEW English Version

आरईसी लिमिटेड और नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड लिमिटेड अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं और बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के वित्त पोषण समाधान पर मिलकर काम करेंगे

भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के अधीन महारत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम और एक अग्रणी एनबीएफसी आरईसी लिमिटेड ने भारत में अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं के साथ-साथ बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के वित्त पोषण समाधान पर मिलकर काम करने के लिए नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड लिमिटेड (एनआईआईएफएल) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

इस समझौते के बारे में जानकारी देते हुए आरईसी के सीएमडी श्री विवेक कुमार देवांगन ने कहा कि रणनीतिक वित्तीय साझेदारी के माध्यम से भारत के विकास को सुदृढ़ करते हुए आरईसी लिमिटेड देश की प्रगति को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता पर अडिग है। प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए हमारी प्रतिबद्धता एक मजबूत और परस्पर जुड़े भविष्य के लिए हमारी साझा दृष्टि को प्रतिबिंबित करती है।

एनआईआईएफएल के कार्यकारी निदेशक और मुख्य रणनीति अधिकारी श्री प्रसाद गडकरी ने कहा कि आरईसी के साथ सहयोग वित्तपोषण बढ़ाने और बुनियादी ढांचा क्षेत्र में निजी पूंजी को आकर्षित करने के लिए एनआईआईएफ की व्यापक रणनीति के अनुरूप है। उन्होंने बताया कि इस साझेदारी के माध्यम से उनका लक्ष्य प्रमुख बुनियादी ढांचे की मदद करने वाले नवीन वित्तीय समाधान विकसित करना है।

आरईसी के कार्यकारी निदेशक (वित्त) श्री दलजीत सिंह खत्री और एनआईआईएफएल के कार्यकारी निदेशक और मुख्य रणनीति अधिकारी श्री प्रसाद गडकरी ने इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर आरईसी के सीएमडी श्री विवेक कुमार देवांगन और एनआईआईएफएल के सीईओ और एमडी श्री राजीव धर की उपस्थिति में किए।

इस अवसर पर आरईसी के निदेशक (वित्त) श्री अजॉय चौधरी; आरईसी के निदेशक (परियोजनाएं) श्री वी के सिंह; एनआईआईएफएल के सीनियर प्रिंसिपल – रणनीतिक पहल और नीति सलाहकार श्री के मुकुंदन और आरईसी के कार्यकारी निदेशक श्री सौरभ रस्तोगी भी उपस्थित थे।

आरईसी लिमिटेड के बारे में

आरईसी विद्युत मंत्रालय के तहत एक ‘महारत्न’ सीपीएसई है, और आरबीआई के साथ गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी (एनबीएफसी) और इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग कंपनी (आईएफसी) के रूप में भी पंजीकृत है। आरईसी संपूर्ण विद्युत बुनियादी ढांचा क्षेत्र का वित्तपोषण कर रहा है, जिसमें बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण, अक्षय ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी भंडारण, पंप स्टोरेज परियोजनाएं, ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया परियोजनाओं जैसी नई प्रौद्योगिकियां शामिल हैं। हाल ही में, आरईसी ने विद्युत बुनियादी ढांचा क्षेत्र से बाहर भी काम शुरू कर दी है जिसमें सड़क और एक्सप्रेसवे, मेट्रो रेल, हवाई अड्डे, आईटी संचार, सामाजिक और वाणिज्यिक अवसंरचना (शैक्षिक संस्थान, अस्पताल), बंदरगाह और स्टील तथा रिफाइनरी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में इलेक्ट्रो-मैकेनिकल (ई एंड एम) कार्य शामिल हैं।

आरईसी लिमिटेड देश में बुनियादी ढांचा परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए राज्य, केंद्र और निजी कंपनियों को विभिन्न परिपक्वता अवधि के ऋण प्रदान करता है। आरईसी लिमिटेड बिजली क्षेत्र के लिए सरकार की प्रमुख योजनाओं में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक भूमिका निभा रहा है और प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य), दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई), राष्ट्रीय बिजली फंड (एनईएफ) योजना के लिए नोडल एजेंसी रही है। इसके परिणामस्वरूप देश में अंतिम छोर तक बिजली वितरण प्रणाली को मजबूत किया गया, गांवों का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण करते हुए सभी घरों को बिजली से जोड़ दिया गया। आरईसी को पुर्नोत्थान वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के लिए कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नोडल एजेंसी भी बनाया गया है। केंद्र सरकार की ओर से आरईसी को प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना की जिम्मेदारी भी दी गई है। आरईसी की ऋण पुस्तिका में 4.97 लाख करोड़ रुपये दर्ज है जबकि उसकी कुल संपत्ति 64,787 करोड़ रुपये की है।

Book Showcase

Best Selling Books

Shri Durgasaptashati Sachitra

By Gorakhpur Gita Press

₹100

Book 2 Cover

Stop Letting Everything Affect You

By Daniel Chidiac

₹190

Truth without apology

By Acharya Prashant

₹240

30 Days to Better English

By Norman Lewis

₹199

Translate »