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नियमित योग अभ्यास करेगा पाचन शक्ति को मजबूत

अलका सिंह
अलका सिंह

हेल्दी शरीर के लिए भोजन का हेल्दी पाचन जरूरी है। आपके खाने की आदतें और गतिविधियां पाचन प्रक्रिया को सीधे प्रभावित करती हैं। आपका पेट ठीक रहेगा तो उसका असर आपकी फि‍टनेस और ग्‍लो पर भी नजर आएगा। आप अपनी जीवन शैली या खाने की आदतों में बदलाव करके अपने पाचन तंत्र को हेल्दी और मजबूत रख सकते हैं। पाचन सुधारने और आपकी आंत को मजबूत बनाने के लिए यहां कुछ योग आसन हैं। कई लोग सवाल भी करते हैं कि पाचन तंत्र को कैसे मजबूत करें? या पाचन को हेल्दी रखने के नेचुरल तरीके क्या हैं?

ऐसे में योग गुरु अलका सिंह यहां कुछ लाभकारी योग आसानों के बारे में बता रही है जिनको करके  आपके पाचन को हमेशा हेल्दी रखा जा सकता हैं।

हेल्दी पाचन और पेट को दुरुस्त करने  लिए रोज करें ये योगासन:

त्रिकोणासन

त्रिकोणासन या त्रिकोण मुद्रा पाचन में सुधार करती है, भूख को उत्तेजित करती है और कब्ज से राहत दिलाती है। यह आपके गुर्दे और पेट के अन्य अंगों के लिए भी फायदेमंद है।

बालासन

बालासन या चाइल्ड पोज की मुद्रा तनाव को छोड़ देती है और आपके दिमाग को शांत करती है। योग मुद्रा आपके जांघों, कूल्हों और लसीका प्रणाली के लिए भी फायदेमंद है। यह आपके पाचन को बेहतर करने में भी काफी लाभकारी हो सकती है। बलासन आपके पाचन को मजबूत बना सकता है।

पवनमुक्तासन

पवनमुक्तासन वाली मुद्रा गैस और पेट की बीमारियों को दूर करती है। यह आपके पाचन में सुधार करेगा और आपके पेट से गैस को बाहर निकाल सकता है। यह आपके पेट की मांसपेशियों को भी मजबूत बनाने में मददगार माना जाता 

पसचिमोत्तानासन

पसचिमोत्तानासन या आगे की ओर झुकना आसन गैस और कब्ज से राहत देने में मदद करता है। यह पेट की चर्बी को भी कम करता है और धीरे-धीरे अंगों की मालिश करता है।

वज्रासन

यह सबसे आसान आसनों में से एक है और इसके फायदे अनेक हैं…यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है, साथ ही फिगर को मेंटेन रखने में भी मददगार साबित होता है। वज्रासन करने से जठराग्नि बढ़ती है। जठराग्नि को आप उस ऊर्जा के रूप में समझ सकते हैं। यह भोजन पचाने और हमारे शरीर को शक्ति देने का काम करती है।

वक्रासन

इससे शरीर को डिटॉक्स करने में सहायता मिलती है। इससे पाचन तंत्र मजबूत होता है और कब्ज या शरीर में भारीपन की दिक्कत नहीं होती है। वक्रासन के अभ्यास से शरीर की थकान दूर होती है।

धनुरासन

यह आसन पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है। धनुरासन योग पूरी तरह से पीठ को मोड़ने वाला योग है। इसकी वजह से शरीर की सभी मांसपेशियों में खिंचाव बनता है, यानी वो स्ट्रेच होती हैं। यही वजह है कि धनुरासन रीढ़ के साथ-साथ पेट की मांसपेशियों को भी मजबूत बनाता है।

कपालभाति

यह असल में प्राणायाम का हिस्‍सा है। कपालभाति प्राणायाम रोज़ करने से गैस, कब्ज और अपच की समस्याएं दूर होती हैं। साथ ही ये श्वसनतंत्र को भी मज़बूत करता है। कपालभाति करने से पेट की सारी समस्याएं दूर हो जाती हैं।

कपालभाति करने का तरीका

पद्मासन की मुद्रा में बैठ जाएं और अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें। हाथों को घुटनों पर रख लें, अब आंखों को मूंद कर अपनी श्वास अंदर लें। अब नासिका द्वारा ही एक हल्के झटके से श्वास बाहर निकालें। पुन: श्वास अंदर लेकर झटके से बाहर निकालें। यह कपालभाति क्रिया है। इसमें आवृत्तियों चक्रों की संख्या बढ़ाए और दोहराएं। शरीर की सारी तंदुरुस्ती आपके पाचन तंत्र पर निर्भर करती है। पाचन तंत्र की मदद से भोजन, विटामिन्स और मिनरल्स में बदलकर, आपके शरीर की आवश्यकताओं को पूरा करता है। इससे शरीर को ऊर्जा मिलती है और मांसपेशियां ठीक रहती हैं।

अंततः निष्कर्ष यह निकलता है कि पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में योग आपकी बहुत मदद कर सकता है। योग का अभ्यास करना बहुत जरूरी है जो आपके पाचन तंत्र को दुरुस्‍त कर शरीर को स्वस्थ और सेहत मंद बना सकता हैं।

अलका सिंह
योग विशेषज्ञ
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