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महाकुंभ में मची भगदड़, 30 घायल, मौनी अमावस्या का अमृत स्नान स्थगित

प्रयागराज के महाकुंभ में मौनी अमावस्या के दिन बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बुधवार सुबह अमृत स्नान के लिए उमड़ी अपार भीड़ के कारण भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिसमें करीब 30 महिलाएं घायल हो गईं। हादसे के बाद अखाड़ों ने मौनी अमावस्या के पावन स्नान को स्थगित करने का निर्णय लिया।

Image Credit: ANI

कैसे हुई भगदड़?

माना जा रहा है कि संगम से करीब एक किलोमीटर दूर लगे बैरिकेड्स अचानक टूट गए, जिससे वहां खड़ी कई महिलाएं बेहोश होकर गिर पड़ीं। इसी दौरान भीड़ में अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। घायल महिलाओं को महाकुंभ मेला क्षेत्र में बने अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जबकि गंभीर रूप से घायल कुछ महिलाओं को बेली अस्पताल और स्वरूप रानी मेडिकल कॉलेज भेजा गया।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी ने कहा कि संतों ने मौनी अमावस्या का अमृत स्नान स्थगित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा, “आपने सुबह जो स्थिति देखी, उसी को ध्यान में रखते हुए हमने यह निर्णय लिया। हमारे सभी संत स्नान के लिए तैयार थे, लेकिन हादसे की सूचना मिलते ही हमने इसे स्थगित करने का निर्णय लिया।”

प्रधानमंत्री मोदी ने की सीएम योगी से बात

हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात कर राहत कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भीड़ नियंत्रण के लिए कुछ पोंटून पुलों को बंद कर दिया, जिससे अन्य स्थानों पर ऐसी स्थिति न उत्पन्न हो।

5 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुंचे प्रयागराज

मौनी अमावस्या से एक दिन पहले ही करीब 5 करोड़ श्रद्धालु प्रयागराज पहुंच चुके थे और मुख्य स्नान के दिन यह संख्या 10 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान था। इस विशाल जनसैलाब को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने AI-आधारित निगरानी, ड्रोन मॉनिटरिंग और भारी पुलिस बल की तैनाती की थी। मेला क्षेत्र को पूरी तरह से नो-व्हीकल ज़ोन घोषित किया गया है, जबकि स्थानीय निवासियों से अपील की गई है कि वे चार पहिया वाहनों का उपयोग न करें और केवल वरिष्ठ नागरिकों को लाने-ले जाने के लिए ही दोपहिया वाहन चलाएं।

रेलवे चला रहा है विशेष ट्रेनें

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने 190 विशेष ट्रेनों सहित कुल 360 ट्रेनें चलाई हैं। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने बताया कि “तीन रेलवे ज़ोन – उत्तर रेलवे, उत्तर पूर्व रेलवे और उत्तर मध्य रेलवे के तहत ट्रेनें चलाई जा रही हैं। हर चार मिनट में एक ट्रेन उपलब्ध होगी, जिससे करोड़ों यात्रियों को निर्बाध यात्रा की सुविधा मिल सकेगी।”

महाकुंभ स्पेशल ट्रेन पर पथराव

इस बीच एक अलग घटना में, महाकुंभ स्पेशल ट्रेन में सवार यात्रियों ने दरवाजे बंद पाए जाने पर पथराव कर दिया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से संयम बरतने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की।

स्वास्थ्य सेवाओं के व्यापक इंतजाम

उत्तर प्रदेश सरकार ने मेला क्षेत्र में 1,000 से अधिक चिकित्सा कर्मी तैनात किए हैं। इसके अलावा, मेले में हर सेक्टर में छोटे से बड़े ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए महाकुंभ नगर के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में 300 विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम भी तैनात है।

144 वर्षों में एक बार आता है ‘त्रिवेणी योग’

इस बार का मौनी अमावस्या स्नान बेहद खास था क्योंकि 144 वर्षों में एक बार बनने वाला ‘त्रिवेणी योग’ इस वर्ष बन रहा था। मान्यता है कि इस विशेष दिन संगम में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है और पवित्र नदियों का जल अमृत समान हो जाता है।

अब तक 15 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने किया स्नान

महाकुंभ 2025 के दौरान अब तक 15 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पवित्र संगम में डुबकी लगा चुके हैं। सिर्फ मंगलवार को ही 4.80 करोड़ भक्तों ने स्नान किया, जो कि मकर संक्रांति के अमृत स्नान (3.5 करोड़) से भी अधिक था।

महाकुंभ का यह भव्य आयोजन 13 जनवरी से शुरू हुआ था और 26 फरवरी तक चलेगा। प्रशासन लगातार भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने में जुटा है, ताकि सभी श्रद्धालु सुरक्षित रूप से अपनी आस्था की डुबकी लगा सकें।

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