NEW English Version

जश्न-ए-अदब साहित्योत्सव में होगा सुर और साहित्य का समागम

दिल्ली: कला और साहित्य प्रेमियों का उत्सव, जश्न-ए-अदब साहित्योत्सव जल्द ही शहर में आयोजित होने जा रहा है, जहां देशभर के ख्याति प्राप्त कलाकार अपनी अद्भुत प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। हर साल होने वाले इस साहित्यिक महोत्सव का 14वां संस्करण इस बार 22 से 24 फरवरी तक इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर द आर्ट्स में संपन्न होगा। तीन दिवसीय इस आयोजन में कवि सम्मेलन, मुशायरा, पैनल चर्चा, सूफी और लोक संगीत, शास्त्रीय गायन व नृत्य, कव्वाली और गज़ल जैसी मनमोहक प्रस्तुतियां देखने को मिलेंगी। इस आयोजन के विभिन्न कार्यक्रम उन्मुक्त एम्फीथियेटर, सम्वेत ऑडिटोरियम और चौपाल, तीन अलग-अलग स्थानों पर आयोजित होंगे।

इस आयोजन पर साहित्योत्सव जश्न-ए-अदब कल्चरल कारवां विरासत के संस्थापक कुँवर रंजीत चौहान ने कहा, “जश्न-ए-अदब सिर्फ एक साहित्योत्सव नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत का उत्सव है। यह मंच नए और प्रतिष्ठित कलाकारों को एक साथ लाकर कला, संगीत, नृत्य और साहित्य का अनूठा संगम प्रस्तुत करता है। इस बार का आयोजन और भी भव्य होगा, जहां हर प्रस्तुति दर्शकों के दिलों को छू जाएगी। हमारा उद्देश्य है कि हर साहित्य और कला प्रेमी इस उत्सव का हिस्सा बने और हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को महसूस करे।”

तीन दिवसीय इस आयोजन के पहले दिन “महफ़िल-ए-ग़ज़ल” में प्रसिद्ध ग़ज़ल गायक जावेद हुसैन अपनी गायकी से समां बांधेंगे, जबकि कथक गुरु पद्मश्री शोवना नारायण अपनी नृत्यकला से मंच पर रंग भरेंगी। प्रसिद्ध साहित्यकार और गीत लेखक गोपाल दास नीरज को उनकी जन्म शताब्दी पर याद करते हुए पद्मश्री सुरेन्द्र शर्मा, पद्मश्री प्रो. अशोक चक्रधर और निरुपमा कोटरू, प्रियंका जोधावत से चर्चा करेंगे। इसके अलावा कवि सम्मेलन, कथा वाचन और मुशायरा जैसे कार्यक्रम भी इस दिन का हिस्सा होंगे। दूसरे दिन महफ़िल-ए कव्वाली में राजा सरफराज दरबारी प्रस्तुति देंगे, गज़ल-ए-शाम में पद्मश्री उस्ताद अहमद हुसैन और पद्मश्री उस्ताद मोहम्मद हुसैन शानदार गज़लों से समां बांधेंगे, सूफी और भजन गायन, भाप वादन, कविता पाठ, दास्तानगोई, बैतबाजी और पैनल चर्चाएं इस उत्सव को और खास बनाएंगी। अंतिम दिन सिद्धांत भाटिया का कलेक्टिव बैंड अपनी प्रस्तुति देगा, वहीं राज कपूर के शताब्दी वर्ष पर एक विशेष चर्चा आयोजित होगी। इस अवसर पर पद्मश्री मालिनी अवस्थी लोकगायन प्रस्तुत करेंगी और पद्मश्री यश गुलाटी सेक्सोफोन वादन से अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। इसी के साथ सुर साधना कार्यक्रम के माध्यम से पद्मभूषण पंडित साजन मिश्रा का गायन सुनने को मिलेगा।

संगीत, नृत्य, साहित्य और संस्कृति के इस अनोखे उत्सव में सभी कला प्रेमी निःशुल्क भाग ले सकते हैं। दर्शकों को शानदार प्रस्तुतियों के साथ-साथ फूड स्टॉल और आर्ट एग्जीबिशन का आनंद लेने का भी अवसर मिलेगा, जहां कला और स्वाद का बेहतरीन मेल देखने को मिलेगा। इस भव्य आयोजन के पीछे भारतीय संस्कृति मंत्रालय, इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर द आर्ट्स, एसबीआई लाइफ, आईडीबीआई बैंक, पावर ग्रिड कॉरपोरेशन, कोल इंडिया लिमिटेड, इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड और आईआरएफसी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों का सहयोग रहेगा।

मुस्कान सिंह

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »