आईएनएस सुनयना पर सवार ‘मिशन आईओएस सागर’ का शुभारंभ — हिंद महासागर में भारत की नई पहल

भारतीय नौसेना का अपतटीय गश्ती पोत आईएनएस सुनयना एक ऐतिहासिक समुद्री मिशन पर कारवार से रवाना होने जा रहा है। यह मिशन, जिसे “आईओएस सागर” यानी “सेक्योरिटी एंड ग्रोथ फॉर ऑल इन द रीजन” (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) के नाम से जाना जा रहा है, भारत की समुद्री नीति में एक और मील का पत्थर साबित होगा।

शनिवार, 5 अप्रैल 2025 को इस मिशन को रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस अभियान का उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, और साझा विकास को सुदृढ़ करना है।

आईएनएस सुनयना पर अंतरराष्ट्रीय दल

इस मिशन की खास बात यह है कि आईएनएस सुनयना पर नौ मित्र देशों (FFN) के 44 नौसैनिक सवार होंगे। यह मिशन उन्हें उन्नत समुद्री प्रशिक्षण, आपसी सहयोग, और भारतीय नौसेना की कार्यशैली से रूबरू कराएगा।

प्रमुख बंदरगाहों का दौरा और प्रशिक्षण गतिविधियां

आईएनएस सुनयना अपनी समुद्री यात्रा के दौरान दार-ए-सलाम (तंज़ानिया), नकाला (मोज़ाम्बिक), पोर्ट लुइस (मॉरीशस) और पोर्ट विक्टोरिया (सेशेल्स) जैसे प्रमुख बंदरगाहों का दौरा करेगा। इस दौरान, अंतरराष्ट्रीय दल को कोच्चि स्थित नौसेना प्रशिक्षण स्कूलों से प्राप्त प्रशिक्षण का व्यावहारिक उपयोग करने का अवसर मिलेगा।

मिशन के दौरान होने वाले प्रशिक्षण अभ्यासों में शामिल हैं:

  • अग्निशमन और क्षति नियंत्रण
  • विजिट बोर्ड सर्च एंड सीज़र (VBSS)
  • पुल ऑपरेशन और नाविक कौशल
  • इंजन कक्ष प्रबंधन और स्विचबोर्ड संचालन
  • नौका संचालन और युद्धक परिस्थितियों में तालमेल

समुद्री सहयोग की मिसाल बनेगा यह मिशन

“आईओएस सागर” सिर्फ एक मिशन नहीं, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र के देशों को एक साझा मंच पर लाने की भारत की दूरदर्शिता है। यह अभियान न केवल समुद्री साझेदारी को मजबूत करेगा, बल्कि साझा सुरक्षा ढांचे को विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

भारतीय नेतृत्व की वैश्विक पुष्टि

इस मिशन के ज़रिए भारत एक बार फिर यह सिद्ध करता है कि वह न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा में अग्रणी भूमिका निभाने को तैयार है, बल्कि सामूहिक विकास, शांति और समावेशी समुद्री वातावरण के लिए भी प्रतिबद्ध है।

लाइव देखिए ऐतिहासिक क्षण

ध्वजारोहण समारोह का सीधा प्रसारण भारतीय नौसेना के यूट्यूब चैनल पर किया जाएगा, जहां दर्शक इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बन सकते हैं।

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