जीवन गढ़ना चाहती हूं। अम्मा! पढ़ना चाहती हूं।। पग-बंधन बेड़ी तोड़कर, हरपल बढ़ना चाहती हूं।। संकट बाधाओं से जूझ, भूधर चढ़ना चाहती हूं।। मधुर सुखद सुर संगीत से, जीवन मढ़ना चाहती हूं।। अनीति, कुभाव, रूढ़ियों से, हंसकर लड़ना चाहती हूं।।
प्रमोद दीक्षित मलय
शिक्षक, बाँदा (उ.प्र.)
मंदिर निर्माण में दें अपना पवित्र सहयोग
🙏 श्री शिव शक्ति मंदिर, सिंहपुर (बलिया, उ.प्र.) का निर्माण वर्ष 1958 के आसपास स्व. टीमल सिंह द्वारा कराया गया था। वर्तमान में इसका संरक्षण आधुनिक वैश्विक कल्याण संस्थान कर रहा है।
अब मंदिर के पुनर्निर्माण, विस्तार एवं जीर्णोद्धार का कार्य प्रस्तावित है।
आपसे विनम्र अनुरोध है कि इस पुण्य कार्य में यथासंभव अनुदान देकर सहयोग करें।
आपका छोटा योगदान भी बड़ा परिवर्तन ला सकता है।