ई-बसों को अपनाने की रफ्तार तेज, पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत शहरी परिवहन को मिलेगी नई दिशा

शहरी परिवहन को स्वच्छ, स्मार्ट और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री श्री एच.डी. कुमारस्वामी ने प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना के तहत इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में विशेष रूप से तेलंगाना, कर्नाटक, दिल्ली और गुजरात राज्यों पर ध्यान केंद्रित किया गया। यह पहल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ और समावेशी शहरी परिवहन के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

बैठक के दौरान भारी उद्योग मंत्रालय ने जानकारी दी कि योजना के वर्तमान चरण के अंतर्गत बेंगलुरु को लगभग 4,500, हैदराबाद को 2,000, दिल्ली को 2,800, अहमदाबाद को 1,000 और सूरत को 600 इलेक्ट्रिक बसें प्रदान की जाएंगी। यह आवंटन गहन विचार-विमर्श और राज्यों की आवश्यकताओं के मूल्यांकन के बाद सुनिश्चित किया गया है।

श्री कुमारस्वामी ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत अब टिकाऊ शहरी गतिशीलता की ओर तेज़ी से अग्रसर हो रहा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि बेंगलुरु से दिल्ली तक देश के प्रमुख शहरों में सार्वजनिक परिवहन को स्वच्छ, कुशल और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने के लिए इलेक्ट्रिक बसों को तेजी से अपनाया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह केवल इलेक्ट्रिक बसों का आवंटन नहीं है, बल्कि यह देश के परिवहन तंत्र को नवाचार और पर्यावरणीय चेतना के साथ पुनः परिभाषित करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और राज्यों के बीच घनिष्ठ समन्वय के माध्यम से पीएम ई-ड्राइव के उद्देश्यों को पूरी निष्ठा से पूरा किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना का लक्ष्य अप्रैल 2024 से मार्च 2026 तक की दो वर्षीय अवधि में कुल 10,900 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय के साथ 14,028 इलेक्ट्रिक बसों का परिचालन सुनिश्चित करना है। यह पहल न केवल भारत में, बल्कि वैश्विक स्तर पर सार्वजनिक परिवहन के विद्युतीकरण की दिशा में सबसे बड़े प्रयासों में से एक है।

भारी उद्योग मंत्रालय ने यह भी आश्वासन दिया है कि इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत समय पर बसों की डिलीवरी, परिचालन की तत्परता और सभी साझेदार राज्यों के साथ रणनीतिक सहयोग को प्राथमिकता दी जाएगी।

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