पिछले एपिसोड में जब विक्रम ने मेहर को तलाक के कागज़ सौंपे, तो पूरे परिवार में तनाव चरम पर पहुँच गया। रजनाथ अपने ग़ुस्से पर काबू नहीं रख सके और विक्रम को थप्पड़ मारने ही वाले थे, लेकिन विक्रम ने उन्हें रोक लिया—और खुद अपने पिता पर हाथ उठाने की कोशिश की। हालात और बिगड़ते, लेकिन कबीर के बीच में आने से मामला टल गया।

वहीं, सहज ने एक साहसिक कदम उठाया। उसने खुद को अपराधी बनाकर कबीर के करीब जाने की योजना बनाई, ताकि वह मोंटी के साथ उसके अवैध कारोबार की सच्चाई सामने ला सके। यह योजना उसे सच के क़रीब ले जाती है, लेकिन साथ ही खतरे में भी डाल देती है। इन सबके बीच, शीतल द्वारा फैलाई गई गलतफहमी से मुख्य किरदारों के बीच बड़ा टकराव होता है, हालांकि बाद में दोनों निर्दोष साबित होते हैं।
क्या मेहर वाकई तलाक ले लेगी? क्या कबीर अपनी आपराधिक गतिविधियों को और छुपा पाएगा? और क्या शीतल के झूठ सामने आ ही जाएंगे?