बाढ़ के बाद मणिकर्णिका घाट पर पसरी गंदगी को किया साफ

गंदगी है तो बीमारी है, सफाई है तो स्वास्थ्य है, दिया संदेश

स्वच्छता आरोग्य जीवन का आधार है इस संदेश के साथ नमामि गंगे के स्वयंसेवी सदस्यों एवं नगर निगम के स्वच्छता कर्मचारियों ने बुधवार को मणिकर्णिका घाट पर बाढ़ के बाद गंगा किनारे फैली करीब 3 टन गंदगी को साफ किया। गंदगी से उत्पन्न होने वाले संक्रामक रोगों से बचाने एवं घाटों की स्वच्छता के लिए जनजागरण के तहत गंगा तलहटी और सतही जल पर तैर रही अनेक प्रदूषण कारक वस्तुओं को निकाला। स्वच्छता संकल्प के पश्चात सदस्यों ने इधर-उधर बिखरा कचरा समेट कर उसे कूड़ेदान तक पहुंचाया । श्रमदान के दौरान सदस्य जोश में घोष कर रहे थे कि ‘आओ घर – घर अलख जगाएं – मां गंगा को निर्मल बनाएं, ‘गंदगी है तो बीमारी है, सफाई है तो स्वास्थ्य है’।

ध्वनि विस्तारक यंत्र और स्वच्छता स्लोगन लिखी तख्तियों के द्वारा घाट पर उपस्थित नागरिकों, पुरोहितों, पूजन सामग्री विक्रेताओं, दुकानदारों एवं मल्लाह बंधुओं से स्वच्छता बनाए रखने की अपील की गई। नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर राजेश शुक्ला ने कहा कि स्वच्छता आरोग्य जीवन का आधार है । स्वच्छता रूपी संस्कार को ग्रहण कर हम कई जानलेवा बीमारियों से बच सकते हैं। साफ सफाई के अभाव और प्रदूषण के चलते मलेरिया, वायरल और डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है‌। अधिकतर लोग प्लास्टिक का सामान और कपड़े गंगा और कहीं भी फेंक देते हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए हमें मिलकर प्रयास करना होगा। श्रमदान में प्रमुख रूप से नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर राजेश शुक्ला, सुपरवाइजर सतीश कुमार गुप्ता, जय कुमार, राजू, श्यामबाबू, रीना देवी , सुनीता देवी, सीता कुमारी उपस्थित रहे।

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