इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के तीसरे दिन भी एक्सपो ने प्रतिभागियों और आगंतुकों का ध्यान अपनी ओर केंद्रित रखा। 10 पैवेलियन में फैले इस विशाल प्रदर्शनी परिसर में उद्योग जगत के अग्रणी संस्थान, स्टार्टअप्स, शैक्षणिक संस्थान, नीति निर्माता और आम नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। प्रतिकूल मौसम के बावजूद युवाओं और छात्रों की उल्लेखनीय भागीदारी ने यह स्पष्ट संकेत दिया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भविष्य की संभावनाओं को लेकर नई पीढ़ी में गहरी रुचि है।

एआई संचालित साइबर सुरक्षा और फिनटेक समाधान पर विशेष फोकस
प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण एआई आधारित साइबर सुरक्षा और फिनटेक समाधान रहे। तेजी से विकसित हो रहे डिजिटल इकोसिस्टम में उभरते साइबर खतरों को ध्यान में रखते हुए प्रदर्शकों ने उन्नत मैनेज्ड डिटेक्शन एंड रिस्पांस प्लेटफॉर्म, एआई आधारित थ्रेट इंटेलिजेंस सिस्टम तथा प्रिवेंशन फर्स्ट सुरक्षा ढांचे का प्रदर्शन किया।
इन प्रणालियों का उद्देश्य असामान्य गतिविधियों की त्वरित पहचान, साइबर हमलों की रोकथाम और घटना के समय तात्कालिक प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है। विशेषज्ञों के अनुसार, जब कृत्रिम बुद्धिमत्ता को मानवीय विशेषज्ञता के साथ जोड़ा जाता है तो जोखिम प्रबंधन अधिक सटीक और प्रभावी बनता है। इससे डिजिटल संपत्तियों की सुरक्षा के साथ साथ संस्थागत विश्वसनीयता भी सुदृढ़ होती है।
प्रिडिक्टिव एनालिटिक्स और रीयल टाइम मॉनिटरिंग की भूमिका
तकनीकी सत्रों और प्रदर्शनों में यह रेखांकित किया गया कि प्रिडिक्टिव एनालिटिक्स और रीयल टाइम मॉनिटरिंग डिजिटल सुरक्षा ढांचे को मजबूत बनाने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। एआई सक्षम प्रतिक्रिया प्रणालियां संभावित खतरों का पूर्वानुमान लगाकर व्यवसायों, सरकारी विभागों और सार्वजनिक संस्थानों को सक्रिय सुरक्षा रणनीति अपनाने में सक्षम बनाती हैं।
विशेषज्ञों का मत है कि आने वाले वर्षों में एआई आधारित स्वचालित निगरानी प्रणालियां डिजिटल गवर्नेंस का अभिन्न हिस्सा बनेंगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों में वृद्धि होगी।
गवर्नेंस और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में एआई का विस्तार
एक्सपो में एआई के विविध अनुप्रयोगों को भी व्यापक रूप से प्रदर्शित किया गया। गवर्नेंस, एंटरप्राइज सिस्टम इंटीग्रेशन, स्मार्ट शहरी प्लेटफॉर्म और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रबंधन में एआई आधारित समाधान प्रमुख रहे।
स्मार्ट सिटी प्रबंधन, यातायात विश्लेषण, ऊर्जा दक्षता, सार्वजनिक सेवा वितरण और डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया जैसे क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की उपयोगिता को व्यावहारिक मॉडलों के माध्यम से समझाया गया। यह स्पष्ट हुआ कि एआई केवल तकनीकी नवाचार तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशासनिक दक्षता और नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने का एक प्रभावी उपकरण बन चुका है।
डेटा सुरक्षा और कम्प्लायंस पर गहन संवाद
प्रदर्शनी के दौरान आगंतुकों और विशेषज्ञों के बीच डेटा सुरक्षा मानकों, नियामक अनुपालन तंत्र और व्यावहारिक कार्यान्वयन मॉडल पर विस्तृत चर्चा हुई। स्टार्टअप्स और स्थापित कंपनियों ने यह बताया कि कैसे वे वैश्विक डेटा संरक्षण मानकों का पालन करते हुए नवाचार को आगे बढ़ा रहे हैं।
छात्रों और युवा पेशेवरों की सक्रिय भागीदारी ने यह संकेत दिया कि एआई, साइबर सुरक्षा और डिजिटल गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में करियर अवसरों के प्रति उत्साह निरंतर बढ़ रहा है। कई शिक्षण संस्थानों ने उद्योग के साथ साझेदारी कर कौशल विकास कार्यक्रमों को मजबूत करने की पहल भी प्रदर्शित की।