03 मार्च पूर्ण चंद्र ग्रहण
3 मार्च 2026 मंगलवार -बुधवार की दरमियानी रात्रि को विलक्षण खगोलिक घटनाक्रम के तहत पड़ने वाले पूर्ण चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026 को पृथ्वी के साये में चाँद के प्रवेश का वह मौन, वरदान-सा क्षण होगा जब आकाश अपने रंगों से खेलता है और चंद्रमा निकल-चमक कर “रक्तिम पूर्णिमा” का दृश्य प्रस्तुत करता है । जिसे खगोल विज्ञान में ब्लड मून कहा जाता है। ऐसा होने का कारण यह है कि जब चंद्रमा पृथ्वी की उम्ब्रा (गहरी छाया) में प्रवेश करता है, तो पृथ्वी का वायुमंडल सूर्य की किरणों को वक्रित करता है और केवल लाल-लाल प्रकाश चंद्रमा पर पहुँचता है ।जिससे उसका रंग लाल-सी दिखाई देता है।
तारीख: 3 मार्च 2026
प्रकार: पूर्ण चंद्र ग्रहण
समय सीमा: लगभग दोपहर से संध्या तक ग्रहण जारी रहेगा। पूर्ण ग्रहण की अवधि: करीब 58 मिनट तक पूर्णता रहेगी। दुनिया में दृश्यता: पूरी रात की तरफ़ पृथ्वी पर जहाँ चाँद दिखाई दे, वहाँ इस ग्रहण को देखा जा सकेगा। भारत सहित एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, कई अन्य क्षेत्रों में यह देखा जा सकेगा।
चंद्र ग्रहण सूर्य-पृथ्वी-चंद्रमा के सटीक संरेखण के कारण होता है। सूर्य ग्रहण के विपरीत, चंद्र ग्रहण को दुनिया के अधिकतर हिस्सों से देखा जा सकता है जहाँ यह रात है, क्योंकि चाँद पूरे पृथ्वी के पूरे अँधेरे साइड पर चमकता हुआ दिखता है। भारत में भी यह ग्रहण पूरी तरह दिखाई देगा, और खास रूप से दक्षिण-पूर्वी समय में, जैसे कि चाँद क्षितिज पर ऊँचा उठ रहा होता है या पूर्ण रूप से दिखाई दे रहा होता है, इसका सुन्दर लाल रंग देखा जा सकता है।

