विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान तथा प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने देश भर के 26 युवा चिकित्सा पेशेवरों को विभिन्न चिकित्सा क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया। इन युवा डॉक्टरों को ऑन्कोलॉजी, बाल रोग, एंडोक्रिनोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, आपातकालीन चिकित्सा सहित अन्य विशेषज्ञताओं में उल्लेखनीय योगदान के लिए पुरस्कार प्रदान किए गए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने आयोजन करने वाले मीडिया संस्थान की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि करियर की शुरुआत में ही ऐसे पुरस्कार मिलना युवा चिकित्सकों के लिए बड़ी पहचान और प्रेरणा का स्रोत होता है। उनके अनुसार करियर के प्रारंभिक चरण में मिलने वाला सम्मान चिकित्सा पेशेवरों को आगे उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अधिक प्रेरित करता है।
उन्होंने कहा कि देश में स्वास्थ्य सेवाओं के भविष्य को मजबूत बनाने के लिए युवा डॉक्टरों को शुरुआती दौर में ही पहचान देना आवश्यक है। प्रारंभिक वर्षों में मिलने वाला प्रोत्साहन उन्हें लगातार सीखने, अपने ज्ञान को अद्यतन रखने और तेजी से बदलते चिकित्सा परिदृश्य के अनुरूप खुद को विकसित करने की प्रेरणा देता है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रतिभा की समय पर पहचान न केवल आत्मविश्वास को बढ़ाती है बल्कि युवा चिकित्सा पेशेवरों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को और अधिक समर्पण के साथ निभाने के लिए प्रेरित करती है।
उन्होंने स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में हो रहे तकनीकी बदलावों का भी उल्लेख किया। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि नई तकनीकों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के आगमन से चिकित्सा क्षेत्र में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। हालांकि तकनीक ने निदान और उपचार की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया है, फिर भी एक डॉक्टर की भूमिका अपरिहार्य बनी हुई है क्योंकि अनुभव और नैदानिक अंतर्ज्ञान रोगी की देखभाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
चिकित्सा विज्ञान के विकास पर अपने विचार साझा करते हुए उन्होंने कहा कि पहले चिकित्सा शिक्षा कुछ सीमित रोगों के गहन अध्ययन तक केंद्रित रहती थी, लेकिन आज चिकित्सा का दायरा अत्यंत व्यापक हो चुका है। अनेक नई विशेषज्ञताओं और उपचार पद्धतियों के विकास ने इस क्षेत्र को और अधिक विस्तृत और जटिल बना दिया है।
उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रगति, नए रोगों का उभरना और बदलती स्वास्थ्य आवश्यकताओं के कारण चिकित्सा क्षेत्र पहले की तुलना में अधिक जटिल हो गया है। ऐसे परिदृश्य में युवा चिकित्सकों को अपने विशेषज्ञता क्षेत्र पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए निरंतर सीखते रहने की आवश्यकता है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कोविड महामारी के बाद के स्वास्थ्य परिदृश्य का उल्लेख करते हुए कहा कि संक्रामक रोगों और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की चुनौतियों के कारण चिकित्सा पेशेवरों के लिए विशेष ज्ञान और सतत अध्ययन का महत्व और बढ़ गया है।
उन्होंने सम्मानित किए गए युवा डॉक्टरों के प्रति विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि इनमे से कई भविष्य में चिकित्सा क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल करेंगे और अपने उत्कृष्ट योगदान के लिए जीवनकाल उपलब्धि जैसे सम्मान भी प्राप्त करेंगे।