NEW English Version

डॉ. घनश्याम सिंह महाविद्यालय में ‘प्रकृति संरक्षण’ पर अतिथि व्याख्यान आयोजित

छात्रों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति किया जागरूक, अतिथि व्याख्यान आयोजित

वाराणसी : डॉ.  घनश्याम सिंह महाविद्यालय, सोयेपुर, लालपुर, वाराणसी के वनस्पति विज्ञान विभाग के तत्वावधान में एक अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस  व्याख्यान का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. आनंद सिंह ने अंगवस्त्र तथा वनस्पति विज्ञान विभाग की डॉ. पूनम ने स्मृति चिन्ह देकर अतिथि व्याख्याता, श्री वैभव श्रीवास्तव का स्वागत किया। व्याख्यान का विषय “समग्र भारत मे प्रकृति का संरक्षण” रहा। श्री वैभव श्रीवास्तव एक पर्यावरण संरक्षण शिक्षाविद है। डॉ. वैभव वन्य जीव अनुसंधान, पर्यावरण संरक्षण शिक्षण, संधारणीय पर्यटन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में बीस वर्षों का अनुभव रखते है। उन्होंने विभिन्न संस्थानों जैसे बी. एच.यू., एमिटी यूनिवर्सिटी, दिल्ली यूनिवर्सिटी में तीस से ज्यादा व्याख्यान दिया है।

अपने व्याख्यान में उन्होंने भारत के जैव विविधता हॉट स्पॉट की विस्तार से जानकारी दी तथा भारत सरकार द्वारा जैव-विविधता संरक्षण के क्षेत्र में किए जाने वाले कार्यो का उल्लेख किया।  उन्होंने इन सीटू और एक्स सीटू संरक्षण को भी समझाया। इसी क्रम मे उन्होने वाराणसी के पास कैमूर वन्य जीव अभयारण्य एवं चन्द्रप्रभा वन्य जीव अभयारण्य की भी चर्चा की।

उन्होंने छात्र-छात्राओं को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया तथा अंत मे पर्यावरण से संबंधित उनके प्रश्नों का उत्तर दिया। इस व्याख्यान में स्नातक तथा स्नातकोत्तर स्तर के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। वनस्पति विज्ञान विभाग की डॉ. अनुपमा सिंह ने मंच का संचालन किया तथा वनस्पति विज्ञान विभाग की ही डॉ.पूनम ने धन्यावाद ज्ञापन किया।

इस दौरान डॉ. रचना पांडे,  डॉ. ज्योति सिंह, डॉ. देवेन्द्र पांडेय, डॉ. अल्का मणि, डॉ. स्मृति सिंह, डॉ. जूही श्रीवास्तव, सुश्री अल्का उपाध्याय, सुश्री श्यामली, डॉ.  दिव्या मालवीय आदि शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करायी। एवीके न्यूज सर्विस

Book Showcase

Best Selling Books

Ikigai: The Japanese secret to a long and happy life

By Héctor García, Francesc Miralles

₹318

Book 2 Cover

Why I am an Atheist and Other Works

By Bhagat Singh

₹104

Truth without apology

By Acharya Prashant

₹240

Until Love Sets Us Apart

By Aditya Nighhot

₹176

Translate »