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सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 का आयोजन, नेतृत्व, नवाचार और कल्याण में महिलाओं की भूमिका पर प्रेरक विचार साझा

नई दिल्ली: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के अवसर पर सीएसआईआर-राष्ट्रीय विज्ञान संचार एवं नीति अनुसंधान संस्थान (एनआईएससीपीआर), नई दिल्ली में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 6 मार्च 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं की उपलब्धियों और योगदान को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में संस्थान के वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और कर्मचारियों ने भाग लेते हुए वैज्ञानिक प्रगति और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।

कार्यक्रम की शुरुआत सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर की निदेशक डॉ. गीता वाणी रायसम के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि महिला वैज्ञानिक आज विभिन्न वैज्ञानिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं और संस्थान विज्ञान में महिलाओं के लिए एक समावेशी तथा सहयोगात्मक वातावरण विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है।

मुख्य अतिथि डॉ. विभा मल्होत्रा साहनी, वैज्ञानिक ‘एच’ तथा टीएमडी प्रमुख, सीएसआईआर मुख्यालय ने “सीएसआईआर: विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार विकास और प्रबंधन” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने भारत में वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार को आगे बढ़ाने में सीएसआईआर की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व लगातार बढ़ रहा है, जो देश के वैज्ञानिक विकास के लिए सकारात्मक संकेत है।

इस अवसर पर नई दिल्ली स्थित अटल बिहारी वाजपेयी आयुर्वेद संस्थान और डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के मानसिक स्वास्थ्य उत्कृष्टता केंद्र की मनोचिकित्सा ओपीडी विभागाध्यक्ष डॉ. मीनू चंद्र ने “गिव टू गेन” विषय पर प्रेरक प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि महिलाएं प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने की क्षमता रखती हैं और वे केवल पारिवारिक जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महिलाएं पारिवारिक और व्यावसायिक जीवन के बीच संतुलन बनाते हुए विज्ञान और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं। उनके विचारों ने उपस्थित महिलाओं को अपनी क्षमताओं को पहचानने और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान एनआईएससीपीआर की लोकप्रिय विज्ञान पत्रिका “विज्ञान प्रगति” का महिला वैज्ञानिकों पर केंद्रित विशेष अंक भी जारी किया गया। इस विशेष अंक में प्रसिद्ध अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स, भारत की मिसाइल विशेषज्ञ टेसी थॉमस और सीएसआईआर की महानिदेशक एन. कलाइसेल्वी के साक्षात्कार शामिल हैं। इसके साथ ही प्रख्यात वैज्ञानिक रोहिणी गोडबोले, पर्यावरण संरक्षण के लिए जानी जाने वाली गौरा देवी तथा महिला विज्ञान संचारकों पर भी महत्वपूर्ण लेख प्रकाशित किए गए हैं।

कार्यक्रम का समापन महिला वैज्ञानिकों और पेशेवरों के योगदान की सराहना के साथ हुआ। यह आयोजन महिलाओं की उपलब्धियों, दृढ़ता और नेतृत्व क्षमता का उत्सव मनाने का एक सार्थक मंच साबित हुआ। साथ ही इसने विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने तथा लैंगिक समानता को मजबूत करने के प्रति सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर की प्रतिबद्धता को भी पुनः रेखांकित किया।

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